
उत्तर प्रदेश के उन कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो अभी तक Teacher Eligibility Test यानी TET पास नहीं कर पाए हैं। राज्य सरकार ने ऐसे शिक्षकों के लिए Special TET कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को जल्द इसका विज्ञापन जारी कर परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विशेष परीक्षा में करीब 56,818 कार्यरत शिक्षक शामिल हो सकते हैं। व्यापक स्तर पर यह संख्या करीब 62 हजार बताई जा रही है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET को जरूरी माना है। हालांकि, अदालत ने शिक्षकों को राहत देते हुए TET की योग्यता हासिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। कोर्ट ने राज्यों और संबंधित अधिकारियों से TET नियमित रूप से कराने, और संभव हो तो साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने की दिशा में प्रयास करने को भी कहा है।
क्यों कराई जा रही है Special TET?
मामला सुप्रीम कोर्ट के State of U.P. vs Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust मामले से जुड़ा है। 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले पर दाखिल Review Petitions को खारिज करते हुए कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को बरकरार रखा।
कोर्ट ने कहा कि जिन कार्यरत शिक्षकों के लिए यह नियम लागू है, उन्हें TET की योग्यता हासिल करनी होगी। हालांकि, शिक्षकों को अचानक सेवा से बाहर होने की स्थिति से बचाने और स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए समय-सीमा को 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यों और सक्षम अधिकारियों को TET समय-समय पर आयोजित करना चाहिए, ताकि शिक्षकों को जरूरी योग्यता हासिल करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकें। अदालत ने आगे और समय बढ़ाने की मांग की गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
यूपी में कितने शिक्षकों को देना होगा Special TET?
शुरुआत में उत्तर प्रदेश में करीब 1.45 लाख कार्यरत शिक्षक और लगभग 2,500 विशेष शिक्षक ऐसे बताए गए थे, जिन्हें TET की अनिवार्यता पूरी करनी थी। जुलाई में सरकार ने इन्हीं शिक्षकों के लिए Special TET कराने की तैयारी शुरू की थी।
इसके बाद जुलाई 2026 में हुई UPTET परीक्षा में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों ने हिस्सा लिया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2,68,799 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी और इनमें से 62,028 शिक्षक सफल नहीं हो सके। इसके बाद Special TET के लिए पात्र शिक्षकों की संख्या घटकर करीब 56,818 बताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में व्यापक संख्या करीब 62 हजार बताई गई है।
इसलिए खबरों में 56,818 और 62 हजार दोनों आंकड़े दिखाई दे रहे हैं। उम्मीदवारों को अंतिम संख्या के लिए UPESSC के Special TET विज्ञापन का इंतजार करना चाहिए।
कब होगी UP Special TET 2026?
सरकार ने Special TET कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। अब UPESSC परीक्षा का आधिकारिक विज्ञापन जारी करेगा और इसके बाद परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी। मौजूदा जानकारी के अनुसार परीक्षा दिसंबर 2026 से पहले कराने की तैयारी बताई जा रही है, लेकिन जब तक आयोग आधिकारिक तारीख जारी नहीं करता, इसे संभावित कार्यक्रम ही माना जाना चाहिए।
इसलिए शिक्षकों को सोशल मीडिया पर चल रही संभावित तारीखों पर निर्भर रहने के बजाय UPESSC की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
Special TET का कैसा होगा पेपर?
Special TET में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और पूरा पेपर 150 अंकों का रहेगा। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे यानी 150 मिनट होगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि गलत उत्तर देने पर Negative Marking नहीं होगी।
परीक्षा में भाषा से जुड़े हिस्से को छोड़कर प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध रहेगा। इससे उम्मीदवारों को प्रश्न समझने में सुविधा होगी।
कितने अंक पर पास होंगे शिक्षक?
Special TET में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत, यानी 150 में से 90 अंक हासिल करना जरूरी होगा।
वहीं SC, ST, OBC और निर्धारित अन्य आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक का मानदंड रखा गया है। 150 अंकों के पेपर में यह 82.5 अंक बनता है। आधिकारिक परीक्षा सूचना में यदि अंकों को पूर्ण संख्या में दर्ज करने का तरीका अलग बताया जाता है, तो वही अंतिम माना जाएगा।
कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए Special TET Syllabus
प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए Special TET में पांच हिस्से होंगे। बाल विकास एवं शिक्षण विधि से 30 प्रश्न, पहली भाषा हिंदी से 30 प्रश्न, दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी, उर्दू या संस्कृत से 30 प्रश्न, गणित से 30 प्रश्न और पर्यावरण अध्ययन से 30 प्रश्न पूछे जाएंगे।
इस तरह प्राथमिक स्तर का पूरा पेपर 150 प्रश्नों और 150 अंकों का होगा।
कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों का सिलेबस
उच्च प्राथमिक यानी कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए भी बाल विकास एवं शिक्षण विधि, पहली भाषा हिंदी और दूसरी भाषा के हिस्से में 30-30 प्रश्न होंगे।
इसके बाद विषय के अनुसार प्रश्न पूछे जाएंगे। गणित और विज्ञान के शिक्षक संबंधित गणित एवं विज्ञान वाले हिस्से की परीक्षा देंगे। सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से प्रश्न होंगे। अन्य विषयों के शिक्षक निर्धारित विकल्पों में से उपलब्ध विषय का चयन कर सकेंगे।
शिक्षकों के लिए अब क्या जरूरी है?
Special TET उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत TET की योग्यता पूरी करना चाहते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शिक्षकों को तुरंत नौकरी छोड़नी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने लागू श्रेणी के कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET हासिल करने का समय दिया है।
वहीं, जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को पांच साल से कम सेवा बाकी थी, उनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने अलग राहत दी है। ऐसे शिक्षक TET के बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रह सकते हैं, लेकिन TET हासिल किए बिना उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।
इसलिए हर शिक्षक के लिए यह समझना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सभी पर बिल्कुल एक ही तरीके से लागू नहीं होता। सेवा अवधि और नियुक्ति की स्थिति के आधार पर नियम अलग हो सकते हैं।
Special TET क्यों है अहम?
उत्तर प्रदेश में Special TET का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिन कार्यरत शिक्षकों ने सामान्य UPTET में सफलता हासिल नहीं की, उन्हें TET की जरूरी योग्यता पूरी करने के लिए एक और विशेष अवसर मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में माना है कि बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों की योग्यता पूरी न होने के कारण अचानक सेवा प्रभावित होने से स्कूलों और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से अदालत ने समय बढ़ाने के साथ राज्यों को नियमित TET कराने की दिशा में कदम उठाने को कहा है।
अब यूपी के शिक्षकों की नजर UPESSC के आधिकारिक विज्ञापन पर है। विज्ञापन जारी होने के बाद ही Special TET के लिए पात्रता, आवेदन की तारीख, परीक्षा केंद्र, फीस और अन्य नियमों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।




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