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Gig Tripping: Why Indian Gen-Z Is Travelling for Concerts and Spending Up to Rs 51,000

Gig Tripping: कॉन्सर्ट के लिए शहर बदल रहे Gen-Z युवा, 51 हजार रुपये तक कर रहे खर्च; जानें नया ट्रैवल ट्रेंड

Gig Tripping: Why Indian Gen-Z Is Travelling for Concerts and Spending Up to Rs 51,000

Gig Tripping: भारतीय युवाओं के लिए यात्रा का मतलब अब सिर्फ घूमना या छुट्टी बिताना नहीं रह गया है। पसंदीदा कलाकार का कॉन्सर्ट भी ट्रैवल प्लान का कारण बन रहा है। यानी युवा अब किसी शहर में सिर्फ वहां के पर्यटन स्थलों को देखने नहीं, बल्कि लाइव म्यूजिक का अनुभव लेने के लिए भी पहुंच रहे हैं। इसी बदलते ट्रेंड को ‘गिग ट्रिपिंग’ (Gig Tripping) कहा जा रहा है।

Airbnb और YouGov की रिसर्च से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में युवा कॉन्सर्ट को अपनी यात्रा का मुख्य कारण बना रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों को पूरी युवा आबादी की आदत मानने के बजाय सर्वे में शामिल लोगों के रुझान के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।

कॉन्सर्ट के साथ बन रही पूरी ट्रैवल प्लानिंग

पहले किसी शहर में घूमने का प्लान बनाया जाता था और उसी दौरान कोई कॉन्सर्ट हो तो उसमें शामिल हो जाते थे। अब तस्वीर कुछ बदल रही है। कई युवा पहले कलाकार या म्यूजिक इवेंट की तारीख देखते हैं और उसके बाद यात्रा की योजना बनाते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 71 फीसदी भारतीय युवाओं ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शहर की यात्रा सिर्फ इसलिए की क्योंकि वहां उनके पसंदीदा कलाकार का कॉन्सर्ट था। वहीं, 36 फीसदी युवाओं ने बताया कि कॉन्सर्ट की घोषणा होते ही वे यात्रा की तैयारी शुरू कर देते हैं।

इसमें सिर्फ टिकट खरीदना शामिल नहीं है। कॉन्सर्ट की तारीख के आसपास ट्रेन या फ्लाइट, होटल या होमस्टे और शहर में घूमने की दूसरी गतिविधियों की योजना भी बनाई जाती है।

2026 में म्यूजिक ट्रिप का प्लान

म्यूजिक से जुड़ी यात्रा को लेकर युवाओं की दिलचस्पी आने वाले समय में भी बनी रहने के संकेत मिल रहे हैं। सर्वे में 62 फीसदी युवाओं ने 2026 में म्यूजिक आधारित ट्रिप पर जाने की इच्छा जताई।

इसका मतलब यह है कि कॉन्सर्ट अब कई युवाओं के लिए सिर्फ कुछ घंटों का कार्यक्रम नहीं रह गया है। इसके साथ दो-तीन दिन की यात्रा, स्थानीय खाना, नए शहर को देखना और दोस्तों के साथ समय बिताना भी जुड़ रहा है।

यानी एक कॉन्सर्ट पूरी यात्रा का केंद्र बन सकता है।

कॉन्सर्ट ट्रिप पर 51 हजार रुपये तक खर्च

गिग ट्रिपिंग का एक अहम पहलू खर्च भी है। उपलब्ध सर्वे आंकड़ों के अनुसार, एक कॉन्सर्ट ट्रिप पर भारतीय युवा औसतन करीब 51 हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं। इसमें कॉन्सर्ट टिकट के अलावा यात्रा, ठहरने, खाने-पीने और स्थानीय स्तर पर घूमने का खर्च शामिल है।

हालांकि, यह औसत खर्च सभी युवाओं के बजट का प्रतिनिधित्व नहीं करता। यात्रा की दूरी, कॉन्सर्ट का स्तर, टिकट की कीमत और होटल जैसे कई कारणों से वास्तविक खर्च काफी अलग हो सकता है।

इसके बावजूद यह आंकड़ा बताता है कि युवा लाइव म्यूजिक को केवल मनोरंजन के बजाय एक बड़े अनुभव के तौर पर देख रहे हैं।

दोस्तों के साथ जाना पसंद

गिग ट्रिपिंग में दोस्तों की भूमिका भी बड़ी है। सर्वे में करीब 70 फीसदी युवाओं ने दोस्तों या ग्रुप के साथ कॉन्सर्ट ट्रिप करना पसंद किया।

ग्रुप में यात्रा करने से कई बार होटल, टैक्सी और दूसरी यात्रा लागत साझा की जा सकती है। साथ ही कॉन्सर्ट के अनुभव को दोस्तों के साथ साझा करना युवाओं के लिए इस तरह की यात्रा को और खास बनाता है।

सोशल मीडिया ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है। कॉन्सर्ट की तस्वीरें, वीडियो और यात्रा के अनुभव ऑनलाइन साझा किए जाने से दूसरे युवा भी उसी शहर या इवेंट को अपनी अगली यात्रा की सूची में शामिल कर सकते हैं।

पसंदीदा कलाकार के लिए विदेश तक जा रहे युवा

गिग ट्रिपिंग सिर्फ घरेलू यात्रा तक सीमित नहीं है। सर्वे में शामिल 40 फीसदी भारतीय युवाओं ने कहा कि वे अपने पसंदीदा कलाकार या बैंड को लाइव देखने के लिए विदेश यात्रा करने को तैयार हैं।

बड़े अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक फेस्टिवल और कलाकारों के ग्लोबल टूर इस तरह की यात्राओं को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में कॉन्सर्ट खुद एक डेस्टिनेशन चुनने की वजह बन रहा है।

यह ट्रेंड भारत में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और युवाओं की अलग-अलग देशों में यात्रा करने की बढ़ती रुचि के साथ भी जुड़ा है।

होटल, कैफे और लोकल कारोबार को फायदा

गिग ट्रिपिंग का असर केवल म्यूजिक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहता। जब हजारों लोग किसी शहर में कॉन्सर्ट के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें रहने, खाने, स्थानीय परिवहन और दूसरी सेवाओं की जरूरत होती है।

इससे होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, कैफे, टैक्सी और स्थानीय दुकानों को अतिरिक्त ग्राहक मिल सकते हैं। Airbnb के एक अलग आर्थिक प्रभाव अध्ययन के अनुसार, भारत में उसके मेहमानों का खर्च सिर्फ ठहरने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन, भोजन, मनोरंजन और स्थानीय सेवाओं तक भी पहुंचता है। 2024 में Airbnb की गतिविधियों से भारत की अर्थव्यवस्था में अनुमानित 11,300 करोड़ रुपये का योगदान बताया गया था। यह आंकड़ा विशेष रूप से गिग ट्रिपिंग का प्रभाव नहीं बताता, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलती है कि यात्रा खर्च किस तरह स्थानीय कारोबार तक पहुंचता है।

पर्यटन की बदलती तस्वीर

गिग ट्रिपिंग यह दिखाता है कि युवा अब यात्रा में सिर्फ जगह देखने के बजाय अनुभव को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। किसी कलाकार का लाइव प्रदर्शन, दोस्तों के साथ यात्रा और नए शहर को करीब से जानना—ये सब मिलकर एक ही ट्रिप का हिस्सा बन रहे हैं।

भारत में लाइव म्यूजिक और बड़े इवेंट्स का बाजार आगे बढ़ता है तो इस तरह की यात्राओं के और बढ़ने की संभावना है। खासकर उन शहरों के लिए यह नया अवसर हो सकता है जो बड़े पर्यटन केंद्र नहीं हैं, लेकिन म्यूजिक इवेंट की मेजबानी कर सकते हैं।

क्या है Gig Tripping?

Gig Tripping का मतलब है किसी कॉन्सर्ट, म्यूजिक फेस्टिवल या लाइव परफॉर्मेंस में शामिल होने के लिए दूसरे शहर या देश की यात्रा करना। इसमें म्यूजिक इवेंट यात्रा का मुख्य कारण होता है और उसके साथ होटल, स्थानीय घूमना, खाना और दूसरी गतिविधियां जुड़ जाती हैं।

युवा पीढ़ी के बीच बढ़ता यह चलन पर्यटन और मनोरंजन के बीच की दूरी को कम कर रहा है। आने वाले समय में किसी शहर का म्यूजिक कैलेंडर भी लोगों के ट्रैवल प्लान को प्रभावित कर सकता है।

 

Asmita Sarkar

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