Edinbox Hindi

अमेरिका में OPT वर्क परमिट के लिए नियम कड़े करने की तैयारी, 69 हजार भारतीय छात्रों पर मंडराया ‘खतरा’

अमेरिका में भारतीय छात्र और प्रोफेशनल्स ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम पर नए प्रतिबंधों को लेकर चिंतित हैं। यह प्रोग्राम यूएस में वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने और H-1B वीजा प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही इस प्रोग्राम को अमेरिकी वर्कर्स के लिए हानिकारक बताकर खत्म करने की मांग उठ रही है। इससे हजारों भारतीय छात्रों के लिए नौकरी की संभावनाओं पर अनिश्चितता का खतरा मंडरा रहा है।

अमेरिका में भारतीय छात्र F-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने जाते हैं, और ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) और करिकुलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) उनके लिए महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं। इन प्रोग्राम्स के जरिए वे अमेरिका में वर्क एक्सपीरियंस हासिल करते हैं और अंततः वर्क वीजा प्राप्त करते हैं। 2022-2023 अकेडमिक ईयर में करीब 69,000 भारतीय छात्रों ने OPT प्रोग्राम में भाग लिया। लेकिन, ट्रंप प्रशासन में इस प्रोग्राम के खत्म होने का खतरा है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ सकता है।

OPT के तहत छात्रों को अमेरिका में ग्रेजुएशन से पहले और बाद में नौकरी करने की इजाजत मिलती है, और वे 12 महीने तक नौकरी कर सकते हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) फील्ड के छात्रों को 24 महीने का एक्सटेंशन भी मिलता है, जिससे वे तीन साल तक नौकरी कर सकते हैं। कुछ कोर्सेज में वर्क एक्सपीरियंस अनिवार्य होता है, जिसके लिए CPT प्रोग्राम का सहारा लिया जाता है। हालांकि, CPT के तहत 12 महीने फुल-टाइम जॉब करने वाले छात्र OPT के लिए अयोग्य हो जाते हैं।

22 जनवरी, 2025 को यूएस हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी की सुनवाई में, सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज की निदेशक जेसिका एम. वॉन ने OPT और CPT की आलोचना की। उन्होंने दोनों प्रोग्राम्स को अनधिकृत करार देते हुए इन पर कड़ी निगरानी और इन्हें खत्म करने की मांग की। वॉन ने कहा कि इन प्रोग्राम्स के कारण अमेरिका में सबसे बड़ी गेस्ट वर्कर्स की आबादी बन गई है, जिसमें 5,40,000 पूर्व छात्र बिना निगरानी के काम कर रहे हैं।

इसके अलावा, WashTech नामक वर्कर्स अलायंस ने 2022 में मुकदमा दायर किया था, जिसमें कहा गया कि OPT के जरिए कंपनियां H-1B वीजा की लिमिट को पार कर जाती हैं, जिससे अमेरिकी वर्कर्स को नुकसान हो रहा है। यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ जॉन फीरे ने OPT को केवल उन क्षेत्रों तक सीमित करने की सिफारिश की है, जहां सभी छात्रों के लिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अनिवार्य है, और इसका इस्तेमाल सस्ते लेबर सोर्स की तरह नहीं होना चाहिए।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed