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12वीं के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बनाएं करियर: डिप्लोमा से लेकर चिप डिजाइन तक, युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

12वीं के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बनाएं करियर: डिप्लोमा से लेकर चिप डिजाइन तक, युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

12वीं के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बनाएं करियर: डिप्लोमा से लेकर चिप डिजाइन तक, युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्ट होम डिवाइस, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को आज की सबसे तेजी से बढ़ती इंडस्ट्री में शामिल कर दिया है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार और भारत में बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग निवेश के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर लेकर आया है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए केवल बीटेक की डिग्री ही जरूरी नहीं है। 12वीं के बाद डिप्लोमा और स्किल आधारित कोर्स के माध्यम से भी छात्र इस उद्योग का हिस्सा बन सकते हैं।

12वीं के बाद क्या हैं विकल्प?

कई छात्रों को लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रवेश का एकमात्र रास्ता इंजीनियरिंग डिग्री है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक व्यापक है। 12वीं के बाद छात्र इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या संबंधित तकनीकी विषयों में डिग्री कार्यक्रम चुन सकते हैं। इसके अलावा तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा भी एक लोकप्रिय विकल्प है, जो छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी कौशल प्रदान करता है।

आज के समय में कई शॉर्ट-टर्म स्किल कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिनमें स्मार्टफोन रिपेयरिंग, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, पीसीबी डिजाइनिंग, एम्बेडेड सिस्टम्स और वीएलएसआई जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। आमतौर पर ये कोर्स छह महीने से एक वर्ष के बीच पूरे हो जाते हैं और छात्रों को जल्दी रोजगार के लिए तैयार करते हैं।

केवल पढ़ाई नहीं, प्रैक्टिकल स्किल भी जरूरी

इलेक्ट्रॉनिक्स ऐसा क्षेत्र है जहां केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं माना जाता। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास उपकरणों, सर्किट्स और तकनीकी प्रणालियों के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण छात्रों की रोजगार क्षमता को काफी बढ़ाते हैं। यही कारण है कि उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्किल-आधारित कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मांग

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अब केवल उपभोक्ता उपकरणों तक सीमित नहीं है। सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप डिजाइन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 5जी नेटवर्क, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में दुनिया भर में विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है।

भारत सरकार की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण देश में भी इस क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा लाभ रोजगार बाजार को मिल रहा है। अमेरिका, जर्मनी, जापान और ताइवान जैसे देशों में भी भारतीय तकनीकी पेशेवरों की मांग देखी जा रही है।

नौकरी के कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं?

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में करियर के कई रास्ते मौजूद हैं। तकनीशियन, सर्विस इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, मेंटेनेंस इंजीनियर, क्वालिटी कंट्रोल विशेषज्ञ और तकनीकी सपोर्ट प्रोफेशनल जैसी भूमिकाओं में लगातार भर्ती होती है। वहीं अनुभव और अतिरिक्त कौशल हासिल करने के बाद चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम्स और सेमीकंडक्टर रिसर्च जैसे उच्च स्तरीय क्षेत्रों में भी प्रवेश किया जा सकता है।

इस सेक्टर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के जरिए भी छात्र उद्योग में शुरुआती अवसर प्राप्त कर सकते हैं और बाद में अपने कौशल के आधार पर आगे बढ़ सकते हैं।

कितनी हो सकती है कमाई?

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वेतन उम्मीदवार की योग्यता, कौशल और विशेषज्ञता पर निर्भर करता है। आमतौर पर डिप्लोमा धारक या फ्रेशर इंजीनियर 3 से 6 लाख रुपये वार्षिक पैकेज के साथ करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

वहीं सेमीकंडक्टर, वीएलएसआई और चिप डिजाइन जैसे उभरते क्षेत्रों में शुरुआती स्तर पर भी 8 से 15 लाख रुपये तक का वार्षिक पैकेज देखने को मिल सकता है। अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ पेशेवरों की आय 20 से 40 लाख रुपये सालाना या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।

भविष्य की तकनीकों के साथ जुड़ने का अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर भारत की सबसे महत्वपूर्ण रोजगार देने वाली इंडस्ट्री में शामिल हो सकता है। ऐसे में जो छात्र नई तकनीकों, मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह क्षेत्र लंबे समय तक स्थिर और आकर्षक करियर विकल्प प्रदान कर सकता है। सही प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक अनुभव के साथ युवा तेजी से बढ़ती इस इंडस्ट्री में सफल करियर बना सकते हैं।

Asmita Sarkar

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