
नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच Gen Z युवाओं का गुस्सा “नेपो किड्स” पर फूट पड़ा है। उनका आरोप है कि नेताओं के बच्चों को बिना मेहनत और योग्यता सबकुछ मिल जाता है, जबकि आम जनता संघर्ष करती है। सोशल मीडिया पर #nepokid ट्रेंड कर रहा है और इसी बहस में पूर्व मिस नेपाल वर्ल्ड श्रिंखला खातीवाड़ा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
आलोचना का सामना कर रहीं श्रिंखला
श्रिंखला खातीवाड़ा, जिन्होंने 2018 में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में टॉप 12 में जगह बनाई थी, उस समय देश की शान मानी जाती थीं। आर्किटेक्ट से मॉडल बनीं श्रिंखला ने बच्चों की शिक्षा की वकालत की थी और खूब सराहना बटोरी थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
आंदोलन के बीच उनकी चुप्पी ने लोगों को निराश किया है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार कमेंट किए जा रहे हैं कि उन्होंने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और अशांति पर एक शब्द भी नहीं कहा। प्रशंसा पाने के बजाय, उन्हें इंटरनेट पर “नेपो किड” कहकर आलोचना झेलनी पड़ रही है।
क्यों हो रही है आलोचना?
श्रिंखला पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बिरोध खातीवाड़ा और बागमती प्रांतीय संसद की सदस्य मुनु सिगडेल की बेटी हैं। उनका इंस्टाग्राम पेज लग्ज़री ट्रैवल, फैशन फोटोशूट और महंगे ब्रांड्स से भरा हुआ है। लोग गुस्से में कमेंट कर रहे हैं कि नेताओं के बच्चे जनता के टैक्स के पैसों पर आलीशान जिंदगी जी रहे हैं।
यूजर्स उनके पोस्ट पर लिख रहे हैं –
“हमारे टैक्स, उनकी विलासिता।”
“बच्चों की शिक्षा की वकालत करने की बातें अब कहां गईं?”
“ये सब दिखावा था, जबकि देश में बच्चों को मारा जा रहा है और आप खामोश हैं।”
शिक्षा और करियर
श्रिंखला का जन्म 1995 में हेटौडा में हुआ। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई की और बाद में हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ डिज़ाइन से अर्बन प्लानिंग में डिग्री हासिल की। 2018 में उन्हें मिस नेपाल वर्ल्ड का ताज मिला और मिस वर्ल्ड में उन्होंने “ब्यूटी विद अ पर्पस” अवॉर्ड भी जीता।
कभी उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि महज एक फुटनोट हुआ करती थी, लेकिन अब यही उनके खिलाफ नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बन गई है।




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