
ऑस्ट्रेलिया को भारतीय छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय स्टडी डेस्टिनेशनों में से एक माना जाता है। यहां की खूबसूरत लोकेशंस, विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटीज और हाई क्वालिटी एजुकेशन इसे खास बनाते हैं। हालांकि, पढ़ाई का खर्च अधिक होने के कारण बहुत से छात्र आर्थिक सहयोग की तलाश में रहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, ऑस्ट्रेलिया की मैक्वेरी यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों के लिए ‘अर्ली एक्सेप्टेंस स्कॉलरशिप’ की घोषणा की है।
क्या है स्कॉलरशिप का लाभ?
सिडनी स्थित मैक्वेरी यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों को 40,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग ₹21.50 लाख) तक की स्कॉलरशिप दे रही है। यह स्कॉलरशिप उन छात्रों को दी जाएगी जो 2025 या 2026 में अंडरग्रेजुएट (UG) या पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में दाखिला लेंगे। स्कॉलरशिप का उद्देश्य टैलेंटेड छात्रों को आर्थिक रूप से सपोर्ट करना है।
कैसे मिलेगा स्कॉलरशिप अमाउंट?
हर साल 10,000 डॉलर की सहायता UG या PG कोर्स के लिए दी जाएगी। 4 साल के UG कोर्स में कुल 40,000 डॉलर तक का फायदा हो सकता है। स्कॉलरशिप सिडनी कैंपस के सभी कोर्स वर्क डिग्री प्रोग्राम्स के लिए उपलब्ध है। इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है—जैसे ही छात्र किसी कोर्स में आवेदन करेंगे, वे इस स्कॉलरशिप के लिए स्वतः पात्र माने जाएंगे।
स्कॉलरशिप पाने की शर्तें
छात्र भारत का नागरिक होना चाहिए। यूनिवर्सिटी के फुल-टाइम UG या PG कोर्स में दाखिला लेना जरूरी है। ऑफर लेटर स्वीकार करना होगा और समय पर फीस जमा करनी होगी। छात्र को हर सेमेस्टर में नामांकित रहना होगा। यदि किसी सरकारी योजना से पूरी ट्यूशन फीस कवर हो रही है, तो मैक्वेरी स्कॉलरशिप टीम से परमिशन लेनी होगी।
मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के लोकप्रिय कोर्स
मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के कुछ हाई डिमांड कोर्सेस हैं: बैंकिंग और फाइनेंस, डेटा साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, बिजनेस एनालिटिक्स, मेडिसिन, आर्ट्स, मीडिया और कम्युनिकेशन आदि। इन कोर्सेज में दाखिला लेकर छात्र स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकते हैं।
यदि आप मैक्वेरी यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप या कोर्सेस के बारे में और जानकारी चाहते हैं, तो यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर डिटेल्स चेक कर सकते हैं।




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