
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और फिर हत्या के के विरोध में देश भर के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस मामले का सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई में जस्टिस जेबी परादीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ मंगलवार (20 अगस्त 2024) को इस मामले की सुनवाई करेगी।
जानकारी के अनुसार ट्रेनी डॉक्टर के रेप एंड मर्डर केस के टाइटल से सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए केस को लिस्ट किया है। मंगलवार को सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ सुबह पहले इसी मामले पर सुनवाई करेगी। हालांकि मंगलवार को सुनवाई के लिए तय मुकदमों की सूची में 66 वें नंबर पर है, लेकिन उसमें विशेष उल्लेख है कि पीठ इसे प्राथमिकता पर सुनेगी। यह खबर घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के एक दिन बाद आई।
बता दें कि 17 अगस्त को राष्ट्रव्यापी आक्रोश और चिकित्सा बिरादरी की हड़ताल के बीच सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इसी मुद्दे पर एक याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस को प्रेषित इस पत्र याचिका में सुप्रीम कोर्ट से 9 अगस्त को कोलकाता में पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की भयावह और शर्मनाक घटना का स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का मतलब है कि अदालत बिना किसी औपचारिक याचिका के दायर किए जाने के अपने आप कानूनी कार्रवाई शुरू कर रही है। स्वत: संज्ञान लेना सुप्रीम कोर्ट को महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता के मुद्दों को संबोधित करने की अनुमति देता है, खासकर तब जब उनमें मौलिक अधिकार और सुरक्षा की बात शामिल होती है। इस मामले में, पूरे देश में मेडिकल बिरादरी के मनोबल और सुरक्षा पर घटना के गंभीर प्रभावों के कारण अदालत की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
बता दें कि 9 अगस्त को 31 साल की रेजिडेंट डॉक्टर अस्पताल में मृत हुई पाई गई थी। हत्या के बाद से ही देश भर में न्याय की मांग को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है।




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