
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के विरोध में देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच इंडियन मेडिकल एसोसिशन (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। आईएमए ने पीएम के समक्ष डॉक्टरों की सुरक्षा समेत पांच मांगें रखी है। आखिर क्या हैं वो पांच मांगें :
आईएमए की पांच मांगें
पहली मांग- महामारी रोग अधिनियम 1897 में 2020 के संशोधन को स्वास्थ्य सेवा कार्मिक और नैदानिक प्रतिष्ठान (हिंसा और संपत्ति क्षति प्रतिषेध विधेयक,2019) के मसौदे में शामिल करते हुए एक केंद्रीय कानून बनाया जाए। इससे मौजूदा 25 राज्यों के कानूनों को मजबूती मिलेगी।
दूसरी मांग- सभी अस्पतालों को सुरक्षा अधिकारों के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। अस्पतालों के सुरक्षा प्रोटोकॉल हवाई अड्डे जैसे हों। सभी अस्पतालों में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
तीसरी मांग- पीड़िता द्वारा की जा रही 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट और सुरक्षित स्थानों की कमी और पर्याप्त आराम कक्षों की कमी निवासी डॉक्टर्स के कार्यकारी और रहने की स्थितियों की पूरी तरह से समीक्षा की जाए।
चौथी मांग- अपराध की सावधानीपूर्वक और पेशेवर जांच एक समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्याय मिल सके। और
पांचवीं मांग- पीड़ित परिवार को अपराध की जघन्यता के अनुसार उपयुक्त और गरिमापूर्ण मुआवजा दिया जाए।




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