
तीन महीने पहले 24 वर्ष से चली आ रही बीजू जनता दल की सरकार को बेदखल कर सत्ता में आयी भाजपा सरकार ने नई योजनाएं लाने के बजाय अब पूर्ववर्ती नवीन पटनायक सरकार की योजनाओं के नाम बदलने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है। कहें तो मुख्यमंत्री मोहनचरण माझी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पहले से चली आ रही योजनाओं का नया नामकरण करने का अभियान सा छेड़ दिया है। इसी क्रम में उसने पूर्व बीजद सरकार की पहल “मो (मेरा) स्कूल अभियान’ का नाम बदलकर ‘पंचसखा शिक्षा (सिख्या) सेतु’ कर दिया है।
गौरतलब है कि पिछली बीजद सरकार ने सरकारी स्कूलों में विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्व छात्रों, उनके अल्मा मेटर और समुदाय को एक साथ लाकर ‘मो स्कूल अभियान’ शुरू किया था। नाम बदलने की घोषणा के सम्बन्ध में भाजपा सरकार के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि यह निर्णय नई भाजपा सरकार के उन राजनेताओं को उचित सम्मान देने के प्रयासों का हिस्सा है जिन्होंने ओडिशा के विकास में बहुत योगदान दिया है।
बहरहाल, विद्यालय व गणशिक्षा विभाग ने नाम बदलने के संबन्ध में विज्ञप्ति जारी की है। शिक्षा विभाग ने राज्य परियोजना निर्देशक सह सचिव सदस्य को नाम परिवर्तन को लागू करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री मोहनचरण माझी ने 25 जुलाई को अपने पहले बजटीय भाषण (वित्त मंत्रालय उनके पास है) में 332 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ नये नामकरण की घोषणा की थी। इसकी आधिकारिक अधिसूचना 14 सितंबर को जारी कर दी गई।
बजट में घोषित इस संशोधित योजना का उद्देश्य पूर्व छात्रों व अन्य प्रतिभागियों के सहयोगात्मक प्रयासों से शिक्षा विभाग में बदलाव लाना है। ‘पंचसखा शिक्षा सेतु’ योजना के तौर-तरीकों की विस्तृत जानकारी शीघ्र जारी की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व नवीन पटनायक सरकार ने सरकारी विद्यालयों के उत्थान और सुधार के लिए 14 नवंबर, 2017 को ‘मो स्कूल अभियान’ की शुरूआत की घोषणा की थी।
इस बीच, योजना का नाम बदलने की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। बीजद और कांग्रेस दोनों ने आरोप लगाया कि इस पहल में कुछ भी नया नहीं है और यह लोगों को धोखा देने के लिए नई सरकार की ओर से एक स्टंट मात्र है। विधायक शारदा जेना ने आरोप लगाया, “नाम बदलना केवल बीजद द्वारा शुरू की गई पहलों का श्रेय लेने का एक कृत्य है।”




Add comment