
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई अब हिन्दी में भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदी में चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के दृष्टिकोण को लागू करने में खुश है, जिसे उन्होंने 2022 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक रैली के दौरान व्यक्त किया था। उन्होंने कहा, यह कदम “पुरानी मैकाले साम्राज्यवादी शिक्षा नीति से हर स्तर पर हमारी शिक्षा नीति को बदलने” के प्रयासों का हिस्सा है, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से लागू किया गया है।
उन्होंने यह दावा किया कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को लाभ होगा क्योंकि वे ज्यादातर हिंदी माध्यम के स्कूलों से आते हैं और अंग्रेजी भाषा के उपयोग के कारण प्रतिभाशाली होने के बावजूद मेडिकल कोर्सों में कठिनाई का सामना करते हैं। हिंदी में पढ़ाई करने से उनकी बुनियादी बातें मजबूत होंगी, उन्हें विषय की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी और वे अच्छे डॉक्टर बनेंगे।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और बिहार ऐसे राज्य हैं जिन्होंने एमबीबीएस को हिंदी में शुरू करने का ऐलान पिछले महीने किया था। अब छत्तीसगढ़ ऐसा तीसरा राज्य बन गया है जिसने एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में शुरू करने का ऐलान किया है।




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