
एनआईटी राउरकेला के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने ग्रेपवाइन बिजनेस क्लब (स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर (SAC) के तहत एक छात्र क्लब) के साथ मिलकर बीते 21 सितंबर को बीबी ऑडिटोरियम, एनआईटीआर में बहुप्रतीक्षित ‘फिनफ्लुएंस फेस्ट’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एनआईटी राउरकेला और राउरकेला क्षेत्र के अन्य कॉलेजों के 500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य युवा छात्रों के बीच वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रसिद्ध डिजिटल वित्तीय इन्फ्लुएंसर, सुश्री नेहा नागर थीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ। स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के अध्यक्ष, प्रो. राजीव कुमार पांडा ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, “फिनफ्लुएंस फेस्ट इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक सत्रों की पेशकश कर रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को आज के गतिशील आर्थिक माहौल में वित्तीय सफलता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है। हमने यह कार्यक्रम छात्रों को वित्तीय प्रबंधन और इसके अनुशासन की प्रारंभिक जानकारी देने के लिए आयोजित किया है, जिससे वे अपने भविष्य की अधिक प्रभावी ढंग से योजना बना सकें।”
प्रो. निरंजन पंडा (डीन, छात्र मामले) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “निवेश महत्वपूर्ण है, लेकिन लाभ का सही उपयोग करना निरंतर विकास के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण है।”
प्रो. रोहन धीमान (रजिस्ट्रार) ने छात्रों के भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक स्थिरता और सफलता प्राप्त करने के लिए वित्तीय साक्षरता महत्वपूर्ण है। यह छात्रों को आवश्यक वित्तीय ज्ञान और कौशल से सुसज्जित कर सकता है, जिससे वे अपने भविष्य के बारे में सही निर्णय ले सकें।
एनआईटी राउरकेला के निदेशक, प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने वित्तीय कौशल के महत्व पर एक विचारशील संदेश दिया, “वित्तीय जोखिमों को समझना आवश्यक है। पैसे को निष्क्रिय रखना या समझदारी से निवेश करने में असफल रहना समय के साथ खोए हुए अवसरों का कारण बन सकता है। विज्ञान में 2 और 2 हमेशा 4 होता है, लेकिन निवेश में यह शून्य भी हो सकता है या 22 भी हो सकता है, जो वित्तीय निवेश में शामिल अनिश्चितता और जोखिम को दर्शाता है। इसलिए, निवेश का अच्छा ज्ञान होने से पैसा हमारे लिए काम करेगा, जिससे बचत की तुलना में अधिक रिटर्न के अवसर मिलेंगे।”
मुख्य वक्ता सुश्री नेहा नागर ने दर्शकों को प्रेरित करते हुए कहा, “छात्रों को ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी कमाई के लिए कई अवसर बनाने पर भी विचार करना चाहिए। छात्रवृत्तियाँ, इंटर्नशिप और सरकारी योजनाएँ हैं जिनका उपयोग छात्र अपने वित्तीय संचय बनाने के लिए कर सकते हैं।”
उन्होंने छात्रों को निवेश से न डरने के लिए प्रेरित करते हुए कहा, “निवेश का मतलब हमेशा शेयर बाजार में कूदना नहीं होता। कुछ कम जोखिम वाले विकल्प भी होते हैं। वित्तीय गणनाओं का ज्ञान छात्रों को समझदारी से पैसे प्रबंधन, ऋण से बचने और भविष्य के खर्चों जैसे शिक्षा या उद्यमिता के लिए बचत, निवेश और बजट के बारे में सही निर्णय लेने में मदद कर सकता है। यह अंततः वित्तीय स्वतंत्रता और दीर्घकालिक सुरक्षा की नींव रखता है।” उन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक वित्त प्रबंधन के लिए उपयोगी रणनीतियाँ भी साझा कीं।
इस कार्यक्रम को कृष्णा फाइनेंशियल सर्विसेज (KFS) द्वारा प्रायोजित किया गया था। KFS की निदेशक, सुश्री वैश्नवी झुनझुनवाला ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया और वित्तीय स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “कोई भी अपने धन सृजन का उत्प्रेरक बन सकता है, और यह भविष्य की स्थिरता और वित्तीय स्वतंत्रता की ओर ले जाता है।”
इस एक दिवसीय कार्यक्रम के समापन सत्र में बजाज ब्रोकिंग से जाने-माने डेरिवेटिव विश्लेषक श्री आनंद शेंडगे और तकनीकी विश्लेषक श्री हर्ष परेश ने वित्तीय प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को एक परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें सुरक्षित वित्तीय भविष्य बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और उपकरण प्राप्त हुए।




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