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AI से आसान हुआ प्रोडक्ट डेवलपमेंट, लेकिन बेहतर काम के लिए विशेषज्ञता जरूरी: Figma की रिपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से प्रोडक्ट डिजाइन और डेवलपमेंट का काम पहले के मुकाबले तेज और आसान हो रहा है। हालांकि, किसी प्रोडक्ट को दूसरों से अलग और बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञता, टीम के साथ मिलकर काम करने और सही डिजाइन चुनने की समझ अब भी जरूरी है। Figma के एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

अध्ययन के अनुसार, भारत में प्रोडक्ट डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़े 65 प्रतिशत पेशेवर काम करने के बदलते तरीकों को लेकर उत्साहित हैं। अमेरिका में ऐसे लोगों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है। वहीं, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (EMEA) क्षेत्र में भी भारत के मुकाबले उत्साह कम दर्ज किया गया।

Figma के स्टाफ रिसर्चर मैट वॉकर ने Education Times से बातचीत में बताया कि भारत में 83 प्रतिशत प्रोडक्ट डेवलपर्स डिजाइन टूल्स का इस्तेमाल करने पर खुद को अधिक उत्पादक और कुशल महसूस करते हैं। वहीं, 82 प्रतिशत का कहना है कि उनकी टीमें किसी विचार को तैयार प्रोडक्ट में बदलने का काम पहले से ज्यादा तेजी से कर पा रही हैं।

हाल ही में आयोजित Figma Config India 2026 के दौरान वॉकर ने कहा कि भारत में AI को लेकर सकारात्मक नजरिया अधिक है। यहां के पेशेवर प्रशिक्षण और नए कौशल सीखने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसी वजह से वे डिजाइन टूल्स को अपने करियर के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने वाले साधन के रूप में देखते हैं।

अध्ययन में भारत के करीब 42 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि AI की मदद से बुनियादी कौशल सीखना आसान हो गया है।

बेहतर से बेहतरीन काम तक पहुंचने में डिजाइन की समझ अहम

AI टूल्स की मदद से अब उन लोगों के लिए भी प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े काम करना आसान हो रहा है, जिनकी विशेषज्ञता डिजाइन में नहीं है। लेकिन किसी प्रोडक्ट को तैयार कर लेना और उसे बेहतर, उपयोगी तथा दूसरों से अलग बनाना दो अलग बातें हैं।

मैट वॉकर के अनुसार, 10 में से करीब आठ पेशेवर मानते हैं कि अपने काम में महारत हासिल करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। वे यह भी मानते हैं कि डिजाइन की अच्छी समझ और सही विकल्प चुनने की क्षमता का महत्व बढ़ा है।

AI किसी काम को काफी हद तक पूरा करने में मदद कर सकता है, लेकिन बेहतरीन नतीजे के लिए मानवीय समझ और अनुभव जरूरी हैं। वॉकर का कहना है कि जो व्यक्ति लगातार डिजाइन के बारे में सोचता है और अपनी समझ को बेहतर बनाता है, वह केवल टूल्स की मदद लेने वाले व्यक्ति से बेहतर काम कर सकता है।

अध्ययन में करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि अब कुछ नया और दूसरों से अलग तैयार करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। इसकी एक वजह यह है कि जब सभी लोग एक जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, तो उनके काम में समानताएं बढ़ने लगती हैं।

AI से काम तेज, लेकिन नौकरियों की भूमिकाएं बदल रही हैं

भारत में AI की मदद से काम करने की प्रक्रिया तेज हुई है और कई पेशेवरों का मैन्युअल काम कम हुआ है। इसके साथ ही, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों के बीच का अंतर भी कम हो रहा है। अब किसी कर्मचारी का काम केवल उसके पद या जॉब टाइटल तक सीमित नहीं रह गया है।

अध्ययन के अनुसार, 69 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उनकी टीम के सदस्य नियमित रूप से ऐसे काम भी करते हैं, जो उनके आधिकारिक पद की जिम्मेदारियों से बाहर होते हैं।

वॉकर ने स्पष्ट किया कि काम की भूमिकाओं में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि नौकरियां खत्म हो रही हैं। हालांकि, यह धारणा बढ़ रही है कि एक ही व्यक्ति कई तरह के काम कर सकता है। उदाहरण के लिए, एक डिजाइनर रिसर्च या मार्केटिंग से जुड़े काम भी संभाल सकता है।

लेकिन उनके मुताबिक, इसके कुछ दूसरे प्रभाव भी हैं। कई जिम्मेदारियां एक व्यक्ति के पास आने से काम का दायरा तो बढ़ सकता है, लेकिन हर क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल करना अब भी महत्वपूर्ण है।

AI से तैयार कमजोर काम को सुधारने में लग रहा समय

AI के इस्तेमाल से काम तेजी से तैयार हो रहा है, लेकिन उसकी गुणवत्ता हमेशा अच्छी नहीं होती। Figma के अध्ययन में सामने आया कि कई पेशेवरों को दूसरे लोगों के AI से तैयार किए गए काम में गलतियां सुधारने में काफी समय लगाना पड़ता है।

वॉकर के अनुसार, समस्या तब पैदा होती है, जब कोई व्यक्ति AI टूल की मदद से खुद को किसी क्षेत्र का विशेषज्ञ समझने लगता है, जबकि उसके पास उस काम के लिए जरूरी जानकारी या अनुभव नहीं होता।

अध्ययन में 61 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे दूसरों के AI से तैयार किए गए काम को सुधारने में काफी समय लगाते हैं। वहीं, 57 प्रतिशत ने अपने सहकर्मियों के काम के बड़े हिस्से को कम मेहनत से तैयार किया गया बताया।

वॉकर का कहना है कि पेशेवरों के लिए AI से तैयार सामग्री की गलतियां सुधारना अब समय लेने वाले प्रमुख कामों में शामिल हो गया है। इस स्थिति में मार्केटिंग, रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने इसे AI के बढ़ते इस्तेमाल का एक ऐसा प्रभाव बताया, जिसमें काम तेजी से तैयार तो हो रहा है, लेकिन उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। AI की मदद से विचारों को जल्दी वास्तविक रूप देना संभव हुआ है, लेकिन इससे कम गुणवत्ता वाले काम की समस्या भी बढ़ी है।

टीम के साथ मिलकर काम करना क्यों जरूरी?

डिजाइन का मतलब केवल किसी प्रोडक्ट का अंतिम रूप तैयार करना नहीं है। इसमें यह तय करना भी शामिल है कि क्या बनाया जा रहा है, उसकी जरूरत क्यों है, वह लोगों के लिए कितना उपयोगी होगा और उसे बेहतर तरीके से कैसे तैयार किया जा सकता है।

इसके लिए डिजाइनर, डेवलपर, रिसर्चर और दूसरे सदस्यों के बीच तालमेल जरूरी है। लेकिन जब टीमें अलग-अलग काम करने लगती हैं और उनके बीच बातचीत कम होती है, तो पूरे प्रोजेक्ट की जरूरतों और उद्देश्य को समझना मुश्किल हो सकता है।

Figma के अध्ययन के अनुसार, करीब 65 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि काम के अलग-अलग हिस्सों में बंट जाने से उनके लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि पूरी टीम आखिर क्या तैयार कर रही है।

इससे पता चलता है कि तकनीक काम को तेज बना सकती है, लेकिन टीम के सदस्यों के बीच बेहतर संवाद और साझा समझ की जरूरत खत्म नहीं होती।

कारोबार की सफलता में डिजाइन की भूमिका बढ़ी

अध्ययन में डिजाइन को टीमों के बीच विचारों और लक्ष्यों को एक साथ लाने वाली साझा भाषा के रूप में भी देखा गया है। करीब 81 प्रतिशत प्रतिभागियों ने माना कि अलग-अलग क्षेत्रों की टीमें अपने विचारों में तालमेल बनाने के लिए डिजाइन का तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं।

वहीं, 80 प्रतिशत से अधिक प्रोडक्ट डेवलपर्स को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में वे डिजाइन और डेवलपमेंट टूल्स का इस्तेमाल और बढ़ाएंगे।

पिछले एक दशक में डिजाइन कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अब यह केवल डिजाइनरों की जिम्मेदारी नहीं रह गया है, बल्कि अलग-अलग टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का माध्यम भी बन रहा है।

अध्ययन के अनुसार, डिजाइन टूल्स की मदद से डिजाइनिंग के अलावा दूसरे काम करने वाले 77 प्रतिशत लोग भी कम से कम एक डिजाइन-संबंधी गतिविधि में हिस्सा ले सके हैं। इसके बावजूद, 60 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि दूसरों से अलग और अनोखा डिजाइन तैयार करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

कुल मिलाकर, Figma के अध्ययन से संकेत मिलता है कि AI प्रोडक्ट डेवलपमेंट की रफ्तार बढ़ा रहा है और ज्यादा लोगों के लिए डिजाइन से जुड़े काम करना आसान बना रहा है। लेकिन किसी काम को वास्तव में बेहतर बनाने के लिए केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञता, अनुभव, रचनात्मक सोच और टीम के साथ मिलकर काम करने की क्षमता ही किसी प्रोडक्ट को अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाती है।

Raish Ahmed

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