
फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस (शिक्षक संगठन) के तत्वावधान में दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर के कला संकाय (निकट विवेकानंद प्रतिमा) में बुधवार को सामाजिक क्रांति के प्रणेता, आधुनिक राजनीतिक विचारक, लेखक, पत्रकार व बहुजन समाज के महानायक मान्यवर कांशीराम की 18वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर फोरम के चेयरमैन डॉ. हंसराज सुमन ने महामहिम राष्ट्रपति डॉ. द्रौपदी मुर्मू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि दलितों, बहुजनों के महानायक, सामाजिक न्याय के पक्षधर तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के कारवाँ को आगे बढ़ाने वाले कांशीराम जैसी महत्वपूर्ण शख्सियत को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
डॉ. हंसराज सुमन ने कहा कि मान्यवर कांशीराम की 18 वीं पुण्यतिथि पर केंद्र सरकार यदि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा करती है, तो करोड़ों लोगों में सरकार के प्रति सद्भाव का संदेश जायेगा और सरकार के प्रति सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित करने पर भारतीय समाज में समता, समानता, बंधुत्व और भाईचारे का संदेश जाएगा। इस महान हस्ती ने अपने कार्यकाल में समाज के सभी वर्गों के लिए विशेषकर अन्य पिछड़ा वर्ग, दलितों तथा बहुजनों को संविधान प्रदत्त अधिकार दिलाने के लिए पूरा जीवन न्यौछावर कर दिया था। इन्होंने वंचित वर्ग में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चलाया था, जिसका भारतीय समाज पर दूरगामी प्रभाव पड़ा था, इसलिए इस महान विभूति के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए भारत सरकार को इन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
डॉ. हंसराज सुमन ने मान्यवर कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए अपने वक्तव्य में आगे कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी लंबे इंतजार के बाद भारत सरकार ने भारत रत्न से सम्मानित किया था। इस बीच बहुत सी सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन दलितों और पिछड़ों के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों को विशिष्ट सम्मान से हमेशा वंचित रखा जाता रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज इस सरकार पर भरोसा करता है कि वे बहुजनों के अधिकार एवं उनके हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले मान्यवर कांशीराम के योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करेगी। उनका यह भी कहना है कि सरकार को सामाजिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलना चाहिए तथा समाज में समरसता का संदेश देने के लिए सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व भी देना चाहिए। इसलिए फोरम मान्यवर कांशीराम जैसे महापुरुष को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए भारत सरकार से निवेदन करता है।




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