
बिहार में भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में हुई रैगिंग की घटना के आरोपित 2023-28 बैच के सभी 120 सीनियर्स मेडिकल छात्रों को एक सेमेस्टर बैक कर दिया गया। इन सभी छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। वहीं, 11 छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इन 11 छात्रों ने अपने जूनियर छात्राओं के वाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजे थे। यह कार्रवाई कालेज प्राचार्य डा. राकेश कुमार ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के आदेश पर की है। 2023-28 बैच के सभी छात्र-छात्राओं पर यह कार्रवाई हुई है।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार छात्रों पर कार्रवाई की गई है। रैगिंग कमेटी की अनुशंसा पर सजा लागू कर दी गई है। रैगिंग में शामिल छात्राओं को सरकारी हॉस्टल से छठ पूजा के बाद बाहर कर दिया जाएगा।
बता दें कि इस वर्ष नामांकन लेने वाले पहले सेमेस्टर के एमबीबीएस कोर्स के छात्रों ने रैगिंग की लिखित शिकायत नेशनल मेडिकल कमीशन से की थी। कमीशन से मिले निर्देश के आधार पर पूरे बैच को एक सेमेस्टर का बैक लगाया गया। वहीं जूनियर्स के व्हाट्स एप पर गलत मैसेज भेजने वाले 11 छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
दरअसल, 2024-29 बैच के 55 छात्र-छात्राओं के साथ सीनियर्स ने रैगिंग की थी। जूनियर छात्रों को पहले मुर्गा बनाया और फिर सिर मुंडवाकर उन्हें घुमाया था। इतना ही नहीं, छात्राओं का मोबाइल फोन नंबर लेकर उन्हें अश्लील मैसेज भी भेजे थे। रैगिंग के दौरान सीनियर्स ने वीडियो भी बनाए, जो प्रसारित हो गए।
सीनियर विद्यार्थियों के खिलाफ जूनियर छात्र-छात्राओं ने तस्वीर और वीडियो को साक्ष्य बनाकर सीधे एमएनसी से शिकायत कर दी। छात्राओं ने अश्लील मैसेज को भी साक्ष्य के रूप में भेज दिया था, जिसके बाद एनएमसी ने सख्त तेवर दिखाए। कॉलेज प्रबंधन ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाकर कार्रवाई करते हुए इसकी रिपोर्ट एनएमसी को भेज दी। दोषी विद्यार्थियों पर एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की गई।




Add comment