
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा ने कन्नड़ भाषा को लेकर एक छात्र के तंज पर कार्रवाई का आदेश देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल वो छात्रों से ऑनलाइन चैट कर रहे थे, तभी एक छात्र ने उन्हें लेकर कहा कि वे कन्नड़ भाषा नहीं बोल सकते। इसपर शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा बुरी तरह से भड़क गए। शिक्षा मंत्री ने छात्र की इस टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उसके खिलाफ अफसरों को कड़ी कार्रवाई का आदेश दे दिया। अब शिक्षा मंत्री की नाराजगी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी भाजपा ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, कर्नाटक सरकार ने मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग कोर्स की शुरुआत की है। इस कोर्स की मदद से राज्य के 25 हजार युवा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर इंजीनियरिंग, मेडिकल कोर्स आदि में प्रवेश पा सकेंगे। इस मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग कोर्स की शुरुआत के अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस बातचीत के दौरान ही किसी छात्र ने कह दिया कि ‘शिक्षा मंत्री को कन्नड़ नहीं आती’। इतना सुनते ही शिक्षा मंत्री भड़क गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि ‘ये कौन है? क्या मैं ऊर्दू में बात कर रहा हूं?’
इसके बाद शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे रिकॉर्ड करें और कार्रवाई करें। यह बहुत बेवकूफी भरी बात है। शिक्षक और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मैं चुप नहीं बैठ सकता।
छात्र के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी करने पर विपक्षी भाजपा ने शिक्षा मंत्री की तीखी आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक से सांसद प्रहलाद जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘क्या मधु बंगारप्पा ने ही सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया था कि उन्हें कन्नड़ नहीं आती? कर्नाटक कांग्रेस उस छात्र को क्यों दंडित कर रही है जिसने उन्हें यह याद दिलाया? वे यहां क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं? कांग्रेस से और क्या ही उम्मीद की जा सकती है?’




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