
दिल्ली की भाजपा सरकार राजधानी के स्कूलों में डीटीसी बस सेवा दोबारा शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दिशा में विभाग को निर्देश दिए हैं, जिसके बाद परिवहन विभाग ने सूचित किया है कि जल्द ही स्कूलों के लिए बस सेवा बहाल की जाएगी। हालांकि, यह सेवा कब से लागू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
डीटीसी ने दी जानकारी, बस सेवा फिर से शुरू होगी
डीटीसी के प्रबंधक (परिवहन) ए.के. राव ने कहा कि आम यात्रियों के लिए नियमित बस सेवा जारी रखते हुए डीटीसी कुछ स्कूलों में उनकी जरूरत के अनुसार बसें उपलब्ध करा रहा है, भले ही सीएनजी बसों की संख्या सीमित हो।
मुख्यमंत्री ने लिखित में जताई चिंता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभाग को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2022 से स्कूली बच्चों के लिए डीटीसी की बस सेवाएं बंद हैं, जिससे अभिभावकों को असुविधा का सामना करना पड़ा और बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी। इसके चलते अभिभावकों को मजबूरी में निजी वैन और कैब्स का सहारा लेना पड़ा, जहां बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न और अन्य अपराध की घटनाएं सामने आती रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च अपराध दर और भारी ट्रैफिक वाले शहर में बच्चों को सुरक्षित, सस्ता और विश्वसनीय परिवहन देना सरकार की जिम्मेदारी है, और उन्हें इससे वंचित करना संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
2022 में खरीदी गई बसें, फिर भी स्कूली बच्चों को नहीं मिली सुविधा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि साल 2022 में सरकार ने सैकड़ों बसें खरीदी थीं, फिर भी सरकारी स्कूलों के छात्रों को परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को अनुचित ठहराया और कहा कि बच्चों के आने-जाने की व्यवस्था सिर्फ स्कूलों की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए।
मद्रास हाईकोर्ट का दिया गया हवाला
पत्र में मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया गया, जिसमें कहा गया था कि स्कूली बच्चों के लिए विशेष रूप से बसें मुहैया कराई जानी चाहिए और इनकी संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए।
डीटीसी का जवाब: स्कूलों को जरूरत के अनुसार दी जा रही हैं बसें
डीटीसी प्रबंधन ने अपने जवाब में बताया कि स्कूलों की जरूरत के अनुसार कुछ बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं और इसके लिए स्कूल सेल की स्थापना के समय जो गाइडलाइन जारी की गई थी, उसके तहत केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद स्कूलों को किराए पर बसें दी जा रही हैं, बशर्ते इससे आम यात्रियों की सेवा प्रभावित न हो।
यह पहल दिल्ली के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था की मांग कर रहे थे।




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