
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इस साहसिक कार्रवाई ने देशभर के युवाओं में जबरदस्त जोश भर दिया है और अब बड़ी संख्या में युवा फाइटर पायलट बनने का सपना देखने लगे हैं। अगर आप भी भारतीय वायुसेना में शामिल होकर आसमान की ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं, तो जानिए इसके लिए क्या योग्यताएं और रास्ते हैं।
फाइटर पायलट बनने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आपने 10+2 में फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ पढ़ाई की हो। इसके बाद आप योग्यता के आधार पर विभिन्न परीक्षाओं के जरिए भारतीय वायुसेना में प्रवेश पा सकते हैं। 12वीं के बाद आप UPSC की NDA (National Defence Academy) परीक्षा देकर वायुसेना में शामिल हो सकते हैं। वहीं, ग्रेजुएशन के बाद CDS (Combined Defence Services) परीक्षा एक और विकल्प है।
इसके अलावा, वायुसेना AFCAT (Air Force Common Admission Test) का आयोजन भी साल में दो बार करती है, जिससे उम्मीदवार सीधे एयरफोर्स में एंट्री पा सकते हैं। अगर आपके पास NCC ‘C’ सर्टिफिकेट है, तो आप NCC स्पेशल एंट्री स्कीम के तहत सीधे आवेदन कर सकते हैं।
लिखित परीक्षा पास करने के बाद SSB (Service Selection Board) इंटरव्यू में आपकी पर्सनैलिटी, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल की परीक्षा होती है। इसके बाद मेडिकल टेस्ट जरूरी होता है क्योंकि फाइटर पायलट के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस बेहद अहम होती है। साथ ही PABT (Pilot Aptitude Battery Test) के जरिए यह जांचा जाता है कि आप फ्लाइंग के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।
इन सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। यहां उन्हें बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक की फ्लाइंग ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें फाइटर जेट उड़ाने की तकनीक और युद्ध कौशल सिखाया जाता है।




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