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सीबीएसई में आए हैं कम अंक…? घबराएं नहीं, पुनर्मूल्यांकन और पूरक परीक्षा का विकल्प है उपलब्ध

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम 2025 घोषित कर दिए हैं। जिन छात्रों को अपेक्षित अंक प्राप्त नहीं हुए हैं या जो अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए चिंता की कोई बात नहीं है। बोर्ड ने ऐसे छात्रों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली के तहत कई सुधारात्मक विकल्प प्रदान किए हैं।

मूल्यांकन में पारदर्शिता के लिए तीन प्रमुख सुविधाएं
CBSE छात्रों को मूल्यांकन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और आत्म-संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित तीन मुख्य विकल्प प्रदान करता है:
– उत्तर पुस्तिका की स्कैन की गई कॉपी प्राप्त करना
– अंकों का सत्यापन कराना
– उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation)

यह सभी सेवाएं केवल ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध होंगी और निर्धारित समयसीमा के भीतर ही आवेदन मान्य किए जाएंगे। बोर्ड ने पहले ही 2 मई 2025 को इस प्रक्रिया से संबंधित प्रारंभिक दिशा-निर्देश साझा कर दिए थे।

ऑफलाइन माध्यम से या समयसीमा समाप्त होने के बाद भेजे गए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इस संबंध में CBSE एक विस्तृत सर्कुलर जल्द ही जारी करेगा।

पूरक परीक्षा: प्रदर्शन सुधारने का दूसरा अवसर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत छात्रों को परीक्षा में प्रदर्शन सुधारने के लिए अधिक अवसर दिए जा रहे हैं। इसी दिशा में CBSE छात्रों को पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) के माध्यम से सुधार का मौका देता है।

कक्षा 12 के लिए छात्र एक विषय में पूरक परीक्षा दे सकते हैं। कक्षा 10 के लिए छात्र दो विषयों में यह अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

कौन छात्र पात्र होंगे पूरक परीक्षा के लिए?
पूरक परीक्षा में भाग लेने के लिए निम्नलिखित छात्र पात्र होंगे:
– जो छात्र कम्पार्टमेंट कैटेगरी में आते हैं।
– जिन्होंने कक्षा 12 में एक विषय या कक्षा 10 में दो विषयों में असफलता प्राप्त की हो।
– जिन छात्रों ने छठे या सातवें विषय से पास होकर मुख्य विषय में फेल हुए हैं।
– वे छात्र जो पहले ही उत्तीर्ण हो चुके हैं लेकिन किसी विषय में अंक सुधार करना चाहते हैं।

पूरक परीक्षा कब होगी?
सीबीएसई द्वारा आयोजित पूरक परीक्षाएं जुलाई 2025 के पहले या दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएंगी। ये परीक्षाएं भी मुख्य परीक्षा की तरह उसी पाठ्यक्रम और पैटर्न पर आधारित होंगी।

सीबीएसई का उद्देश्य न केवल निष्पक्ष मूल्यांकन करना है, बल्कि छात्रों को अपनी क्षमताओं को निखारने के पर्याप्त अवसर भी देना है। ऐसे में असंतुष्ट छात्र पुनर्मूल्यांकन और पूरक परीक्षा जैसे विकल्पों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

 

Asmita Sarkar

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