
अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों से ताल्लुक रखने वाले 38 छात्रों ने भारतीय सेना द्वारा दी गई कोचिंग की मदद से ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि सेना की गजराज कॉर्प्स द्वारा जुलाई से अप्रैल तक संचालित विशेष कोचिंग कार्यक्रम का परिणाम है। जानकारी रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने साझा की।
पश्चिम कामेंग जिले के जांग और दीरांग क्षेत्र के कुल 44 छात्रों को इस कार्यक्रम का लाभ मिला, जिनमें से 38 ने परीक्षा पास की। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा से वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में शैक्षणिक असमानता को दूर करना था।
केवल शिक्षा नहीं, मिला आत्मविश्वास और अनुशासन भी
इस कोचिंग कार्यक्रम में छात्रों को केवल अकादमिक सहायता ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें आत्म-विश्वास, प्रेरणा और अनुशासन की भी शिक्षा दी गई। सेना के प्रशिक्षकों ने इन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से भी तैयार किया, जो किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक होता है।
प्रेरणा की मिसाल बने 38 छात्र
लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा, “यह केवल परीक्षा में सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह धैर्य, मार्गदर्शन और विश्वास की ताकत की कहानी है। ये 38 सफल विद्यार्थी सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं — यह उदाहरण हैं कि जब सही समर्थन मिले, तो प्रतिभा दूरदराज के इलाकों में भी फलती-फूलती है।”
यह पहल भारतीय सेना की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में योगदान का एक सशक्त उदाहरण है, जो न केवल सीमाओं की रक्षा कर रही है, बल्कि भविष्य के नागरिकों को भी संवार रही है।




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