
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IPU) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से अनाथ बच्चों के लिए विशेष कोटे की घोषणा की है। इस कोटे के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी के सभी कार्यक्रमों में पूर्ण फीस माफी दी जाएगी। यह कोटा विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की 60वीं बैठक में मंजूर किया गया। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह देश की पहली यूनिवर्सिटी होगी जो इस तरह का नि:शुल्क शिक्षा कोटा लागू कर रही है।
इस कोटे के तहत हर यूजी और पीजी प्रोग्राम में एक अतिरिक्त सीट आरक्षित होगी। छात्रों को ईडब्ल्यूएस स्कीम के तहत फीस माफी के लिए आवेदन करना होगा। कुलपति प्रो. डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि महामारी के बाद अनाथ बच्चों की संख्या बढ़ी है और यह कदम समाजिक जिम्मेदारी के तहत उठाया गया है। यूनिवर्सिटी अन्य सरकारी वित्तीय सहायता योजनाओं से भी इन छात्रों को जोड़ने की कोशिश करेगी।
नए कोर्स और शिक्षा के अवसर
अकादमिक परिषद की बैठक में कई नए कोर्स शुरू करने का भी निर्णय लिया गया:
– एमबीए स्तर पर फायर एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी में लेटरल एंट्री
– पांच वर्षीय बीए-एमए दर्शनशास्त्र प्रोग्राम
– चार वर्षीय बीए स्पेशल एजुकेशन के तीन नए कोर्स: हियरिंग इंपेयरमेंट, इंटेलेक्चुअल – डिसेबिलिटी और मल्टीपल डिसेबिलिटी
– पोस्ट एमएससी डिप्लोमा इन रेडियोलॉजिकल फिजिक्स
– ‘योर ओन लाइफ’ प्रोग्राम यूनिवर्सिटी स्कूल और संबद्ध संस्थानों में लागू होगा
पीएचडी और विदेशी भाषा कोर्स पर विचार
बैठक में कामकाजी लोगों के लिए अलग से पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने और स्पैनिश सहित अन्य लोकप्रिय विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर भी चर्चा हुई। जल्द ही इन पर निर्णय लिया जाएगा।
भारतीय ज्ञान प्रणाली के लिए नया सेंटर
भारतीय ज्ञान परंपरा और तकनीकी नवाचार के प्रचार-प्रसार के लिए इन सीटू सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, एमएससी (माइक्रोबायोलॉजी) प्रोग्राम को प्रस्तावित नरेला कैंपस में स्थानांतरित किया जाएगा और नए कैंपस में कई शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
यह निर्णय आईपीयू को एक समावेशी, नवाचार-प्रेरित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में और मजबूत बनाते हैं।




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