
दिल्ली स्थित ‘द एयर फोर्स स्कूल’ (TAFS) ने हाल ही में अपने 70वें स्थापना दिवस का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर स्कूल के पूर्व छात्र और देश के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने न केवल संस्थान के साथ अपने जुड़ाव को याद किया, बल्कि छात्रों को जीवन में आवश्यक मूल्यों और शिक्षाओं की भी प्रेरणा दी।
डॉ. जयशंकर ने मंच से कहा, “उस स्कूल में वापस आना बेहद सुखद अनुभव है, जहां मैंने अपनी अधिकांश शिक्षा प्राप्त की। आज हम TAFS के 70 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं, और यह संयोग ही है कि मैं भी इस वर्ष 70 वर्ष का हो गया हूं।”
उन्होंने अपने करियर के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि कूटनीति के क्षेत्र में संवाद और रणनीति का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “सफल संवाद के लिए आपको अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर तैयारी करनी होती है। यह क्षमता हमें उन्हीं गुणों से मिलती है, जो हमारे शिक्षक हममें विकसित करने का प्रयास करते हैं।”
छात्रों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने टीम वर्क के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने ‘ऑपरेशन गंगा’ का उदाहरण देते हुए कहा, “चाहे वह यूक्रेन हो, अफगानिस्तान, नेपाल या यमन – इन सभी स्थितियों में हमारी सफलता का मूल कारण टीम वर्क रहा। स्कूल में हमें जो सबसे अहम सबक मिलता है, वह है मिलकर काम करने की कला। दूसरों की क्षमताओं को समझना और उन्हें सामूहिक हित में उपयोग करना – यही नेतृत्व की असली पहचान है।”
समारोह में छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और इस ऐतिहासिक मौके को उत्साहपूर्वक मनाया।




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