
“आशा है आप सकुशल होंगे। आपके सीयूईटी यूजी के परिणाम के आधार पर आपको बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में बीएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए चुना गया है…”
इस तरह का संदेश हाल के दिनों में कई अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप पर मिला है। लेकिन यह संदेश न तो बीएचयू की ओर से है और न ही किसी अधिकृत स्रोत से। दरअसल, यह फर्जीवाड़ा है — धोखेबाजों द्वारा छात्रों को भ्रमित कर ठगने की एक नई चाल।
बीएचयू ने जारी किया सार्वजनिक अलर्ट
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि वह व्हाट्सएप या किसी अनौपचारिक माध्यम से प्रवेश से जुड़ी कोई भी सूचना साझा नहीं करता।
इन फर्जी संदेशों में अक्सर संदिग्ध लिंक और यूआरएल शामिल होते हैं, जिन पर क्लिक करने को कहा जाता है — जो कि संभावित रूप से छात्रों की निजी जानकारी चुराने के इरादे से भेजे जाते हैं।
बीएचयू की ओर से सूचना केवल इन माध्यमों से मिलती है
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल दो अधिकृत ईमेल पतों admission.help@bhu.ac.in और admission@bhu.ac.in
के जरिए ही भेजी जाती हैं।
इसके अलावा, छात्रों को उनकी प्रवेश स्थिति से जुड़ी जानकारी सिर्फ उनके पंजीकृत ईमेल आईडी और छात्र पोर्टल के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाती है।
बीएचयू ने दोहराया है कि वह व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार का प्रवेश पुष्टिकरण नहीं भेजता।
धोखाधड़ी पर विश्वविद्यालय नहीं होगा जिम्मेदार
विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत और असत्यापित संदेश पर ध्यान न दें। साथ ही विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी धोखाधड़ी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा।
बीएचयू ने सभी उम्मीदवारों को नियमित रूप से अपने छात्र पोर्टल और ईमेल इनबॉक्स की जांच करते रहने की सलाह दी है।
बीएचयू में स्नातक दाखिला प्रक्रिया शुरू
इस बीच, बीएचयू ने स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG 2025) में उत्तीर्ण अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.bhu.ac.in या bhucuet.samarth.edu.in के माध्यम से 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।
नोट: किसी भी प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए केवल BHU की आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल पर ही भरोसा करें। फर्जी संदेशों से सावधान रहें और किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक न करें।




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