
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने TGT परीक्षा 2022 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि परीक्षा स्थगित होने की जो खबरें वायरल हो रही हैं, वे पूर्णतः फर्जी और भ्रामक हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी नोटिस वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि आयोग की अध्यक्ष महोदया के सुपौत्र के मुंडन संस्कार के कारण 21 और 22 जुलाई को निर्धारित TGT परीक्षा स्थगित कर दी गई है। नोटिस में यह भी कहा गया था कि मुंडन संस्कार के बाद ही परीक्षा की नई तारीख घोषित की जाएगी।
फर्जी नोटिस में क्या था दावा?
वायरल फर्जी नोटिस में लिखा गया था: “विज्ञापन संख्या-01/2022 प्रशिक्षित स्नातक (TGT) की लिखित परीक्षा, जो 21 व 22 जुलाई को आयोजित होने वाली थी, आयोग की अध्यक्ष महोदया के सुपौत्र के मुंडन संस्कार के कारण स्थगित की जाती है। परीक्षा की अगली तिथि मुंडन संस्कार संपन्न होने के उपरांत घोषित की जाएगी।”
इस कथित नोटिस के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही आयोग के भीतर हलचल मच गई, जिसके बाद आयोग को आधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।
UPESSC का आधिकारिक स्पष्टीकरण
आयोग द्वारा जारी अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया: “विज्ञापन संख्या-01/2022 प्रशिक्षित स्नातक (TGT) की 21 एवं 22 जुलाई को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के संबंध में सोशल मीडिया पर जो सूचना वायरल हो रही है, वह पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।”
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त फर्जी सूचना किसी शरारती तत्व द्वारा आयोग के प्रतीक चिन्ह, नाम और परीक्षा नियंत्रक के पदनाम का दुरुपयोग करके तैयार की गई है। आयोग ने कहा कि दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
TGT अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति
हालांकि आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि फर्जी सूचना को नज़रअंदाज़ किया जाए, लेकिन परीक्षा की वास्तविक स्थिति को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भ्रम बना हुआ है।
TGT के कुल 3539 पदों के लिए लगभग 8.69 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद, 21 और 22 जुलाई को प्रस्तावित परीक्षा के स्थगन को लेकर आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्थगन सूचना जारी नहीं की गई है।
ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा नियत समय पर होगी या स्थगित की गई है। आयोग से अपेक्षा की जा रही है कि वह इस संबंध में स्पष्ट और समयबद्ध सूचना जारी करे ताकि परीक्षार्थियों को अनावश्यक तनाव न हो।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने फर्जी नोटिस को खंडन करते हुए इसे झूठी और गुमराह करने वाली सूचना करार दिया है और शरारती तत्वों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और विधिवत प्रेस विज्ञप्तियों पर ही भरोसा करें, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही असत्य सूचनाओं से सावधान रहें।




Add comment