Edinbox Hindi

Edtech की बड़ी डील, विकास दिव्यकीर्ति की Drishti IAS का अधिग्रहण करेगी अलख पांडे की कंपनी Physics Wallah !

फिजिक्सवाला (Physics Wallah) द्वारा ‘Drishti IAS’ के अधिग्रहण की खबर ने Edtech क्षेत्र में हलचल मचा दी है। अलख पांडे द्वारा स्थापित इस Edtech यूनिकॉर्न कंपनी, जो मुख्य रूप से JEE और NEET परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए जानी जाती है, अब UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षाओं के क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिजिक्सवाला ने विकास दिव्यकीर्ति की प्रमुख UPSC कोचिंग संस्था ‘Drishti IAS’ को 2500-3000 करोड़ रुपये में खरीदने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह डील सफल होती है, तो यह Edtech सेक्टर में सबसे बड़ी अधिग्रहण डील साबित होगी।

फिजिक्सवाला का बड़ा कदम
‘Physics Wallah’ की सफलता मुख्य रूप से ऑनलाइन कोचिंग और सस्ती शिक्षा प्रदान करने के उनके मॉडल पर आधारित है। अब, कंपनी की योजना है कि वह UPSC मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाए, और ‘Drishti IAS’ के अधिग्रहण के माध्यम से यह लक्ष्य हासिल कर सकती है। ‘Drishti IAS’ पिछले 26 वर्षों से UPSC की तैयारी कराने में एक बड़ा नाम बन चुका है, और वित्तीय वर्ष 2024 में इसका रेवेन्यू ₹405 करोड़ रहा, जिसमें ₹90 करोड़ का शुद्ध मुनाफा भी था। यह अधिग्रहण फिजिक्सवाला के लिए एक बड़ी रणनीतिक वृद्धि हो सकती है, क्योंकि इससे उसे UPSC के बेहद प्रतिस्पर्धी और हाई-डिमांड मार्केट में प्रवेश मिलेगा।

डील के बारे में क्या कहा गया है?
एडटेक यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला का ‘Drishti IAS’ के अधिग्रहण को लेकर विभिन्न रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनके मुताबिक यह डील कई चरणों (Tranches) में संपन्न होगी, और इसकी कीमत Drishti IAS के भविष्य के प्रदर्शन से जुड़ी होगी। हालांकि, Drishti IAS के CEO, विवेक तिवारी ने इन खबरों को अफवाह बताया है और कहा है, “हम IPO बैंकरों, प्राइवेट इक्विटी निवेशकों और अन्य Edtech कंपनियों से मिल रहे हैं, लेकिन अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।”

क्या यह डील फिजिक्सवाला के लिए सही कदम है?
फिजिक्सवाला का यह कदम UPSC मार्केट में विस्तार के लिए अहम हो सकता है। ‘Drishti IAS’ की मजबूत ऑफलाइन मौजूदगी, फिजिक्सवाला के ऑनलाइन कोचिंग मॉडल के साथ मिलकर कंपनी को अधिक व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंचने में मदद कर सकती है। वित्तीय वर्ष 2024 में फिजिक्सवाला का रेवेन्यू ₹1,940 करोड़ था, लेकिन नेट लॉस ₹1,131 करोड़ तक पहुंच गया था। इस अधिग्रहण के माध्यम से कंपनी को डायवर्सिफिकेशन का लाभ मिल सकता है, और यह उसे ऑफलाइन शिक्षा क्षेत्र में भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस डील से Edtech सेक्टर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
यदि ‘Drishti IAS’ का अधिग्रहण हो जाता है, तो यह Edtech मार्केट में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। फिजिक्सवाला, जो पहले JEE और NEET की तैयारी के लिए प्रसिद्ध था, अब UPSC कोचिंग सेगमेंट में भी प्रवेश करेगा, जो शिक्षा के क्षेत्र का एक अहम और हाई-डिमांड हिस्सा है। हालांकि, एक सवाल यह भी उठता है कि क्या फिजिक्सवाला ओवर-एक्सपेंशन का शिकार होगा, जैसा कि पहले बायजूस के साथ हुआ था। बायजूस ने आकाश इंस्टिट्यूट को खरीदा था, लेकिन बाद में उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ था।

Drishti IAS: एक प्रमुख UPSC कोचिंग संस्थान
‘Drishti IAS’ की स्थापना विकास दिव्यकीर्ति ने की थी, और यह भारत की सबसे लोकप्रिय UPSC कोचिंग संस्थाओं में से एक है। इस संस्थान का मुखर्जी नगर, दिल्ली में स्थित सेंटर, कुल रेवेन्यू का 58% योगदान करता है। अन्य प्रमुख सेंटर प्रयागराज, जयपुर और करोल बाग में स्थित हैं, और इसने पिछले कुछ वर्षों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है।

Physics Wallah का भविष्य
फिजिक्सवाला की शुरुआत 2016 में अलख पांडे द्वारा एक यूट्यूब चैनल के रूप में की गई थी, जो अब एक बड़ा Edtech ब्रांड बन चुका है। फिजिक्सवाला ने वित्तीय वर्ष 2024 में ₹1,940 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल से 160% अधिक है। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को ₹1,131 करोड़ का घाटा हुआ। अब, फिजिक्सवाला का फोकस ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन कोचिंग पर भी है और FY25 तक ₹1,000 करोड़ की ऑफलाइन कमाई का लक्ष्य रखा गया है।

यदि ‘Drishti IAS’ का अधिग्रहण फिजिक्सवाला के द्वारा किया जाता है, तो यह Edtech सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। हालांकि, इसके साथ जुड़े जोखिम और अवसर दोनों हैं। कंपनी के लिए यह एक बड़ा कदम हो सकता है, जो उसे UPSC कोचिंग सेगमेंट में सफलता दिला सकता है, लेकिन इस क्षेत्र में ओवर-एक्सपेंशन के खतरे को भी नकारा नहीं जा सकता।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed