
जम्मू कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में सुबह की सभा में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। इसके लिए बाकायदा एक सर्कुलर जारी किया गया है। परिपत्र के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने सभी स्कूलों को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुबह की सभा एक समान बनाने और इसकी शुरुआत राष्ट्रगान से करने का निर्देश दिया। साथ ही पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा करने और नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए भी कहा गया है।
सर्कुलर में कहा गया है, ‘मानक प्रोटोकॉल के अनुसार सुबह की सभा राष्ट्रगान से शुरू होनी चाहिए।’ विभाग ने कहा कि सुबह की प्रार्थना सभा छात्रों में एकता और अनुशासन की भावना पैदा करती है। ये सभाएं नैतिक अखंडता, साझा समुदाय और मानसिक शांति के मूल्यों को पोषित करने के लिए मंच के रूप में काम करती हैं। हालांकि, यह देखा गया है कि इस तरह के महत्वपूर्ण अनुष्ठान को प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में समान रूप से नहीं निभाया जा रहा है, इसलिए अब स्कूलों में राष्ट्रगान जरुरी होगा।
परिपत्र में स्कूलों के लिए 16 कदम सुझाए गए हैं। विभाग ने सुझाव दिया कि अतिथि वक्ताओं को आमंत्रित किया जाए। पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा की जाए तथा नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ जागरूकता पैदा की जाए। इन बातों को स्कूलों को सुबह की सभाओं में शामिल करने चाहिए। राष्ट्रगान का ये भी मकसद है कि इससे छात्रों में देशभक्ति की भावना पैदा होगी और अलगाववादी भावनाएं ख़त्म हो जाएंगी। राष्ट्रगान के अलावा रोज़ तीन छात्र एवं शिक्षक अन्य छात्रों को महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मकथाएं या उनके द्वारा किये गए प्रेरणादायी कार्य बताएँगे




Add comment