
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आयोग ने पीसीएस-जे मेंस 2022 की सभी 18042 उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद अब सभी 3019 अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने का फैसला किया है। इसलिए कि सभी तरह की आशंकाए दूर की जा सकें। उत्तर पुस्तिकाएं अभियान चलाकर 20 जून से 30 जुलाई तक दिखाई जाएंगी। आयोग ने इस बाबत विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया है। आयोग के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब किसी भी भर्ती परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी।
बता दें कि मुख्य परीक्षा में कुल 3019 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनकी अलग-अलग विषयों की कुल 18042 उत्तर पुस्तिकाएं हैं। अभ्यर्थी श्रवण पांडेय के मामले में आयोग ने पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर हलफनामे में उत्तर पुस्तिकाओं की फिर से जांच कराने की बात कही थी। आयोग ने बताया था कि इसकी प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। इसी क्रम में आयोग ने अब सभी को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की भी घोषणा की है।
आयोग की ओर से इसके लिए रोल नंबर के अनुसार कार्यक्रम जारी किया गया है। परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रत्येक कार्यदिवस में चार सत्रों सुबह 10:30, 11:30, 2:30 और 3:30 में कॉपियां दिखाई जाएंगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रपत्रों के अनुरूप आयोग परिसर स्थित सरस्वती भवन में निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र देकर उत्तरपुस्तिकाओं को देख सकेंगे। अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए जारी प्रवेश पत्र/साक्षात्कार-ज्ञाप, अंकतालिका तथा उसके साथ आधार कार्ड या फोटोयुक्त कोई आईडी प्रूफ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि दिखाने पर आयोग परिसर में प्रवेश मिलेगा।
जिन अभ्यर्थियों को आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए अलग से तिथि प्रदान की जा चुकी है, वे भी नए सिरे से निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन करेंगे। पूर्व में उनके लिए उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए निर्धारित तिथि स्वतः निरस्त समझी जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि वे उक्त निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होकर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन अवश्य कर लें। आयोग भविष्य में उत्तर पुस्तिकओं को देखने के लिए आरटीआई के तहत प्रार्थना-पत्रों/प्रत्यावेदनों पर विचार नहीं करेगा।
बहरहाल, इस प्रकरण में अब पहली जुलाई को अदालत में सुनवाई होनी है। खंडपीठ ने उसी दिन जांच का परिणाम बताने और उत्तर पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने श्रवण पांडेय के छह प्रश्न पत्रों की उत्तर पुस्तिकाएं कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को दिया था। याची अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि उसकी अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका में हैंडराइटिंग बदली गई है तथा एक अन्य उत्तर पुस्तिका के कुछ पन्ने फाड़े गए हैं। इसकी वजह से वह मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाया। याची श्रवण पांडेय की याचिका पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई में आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि मामला सामने आने के बाद मुख्य परीक्षा में शामिल सभी 3,019 अभ्यार्थियों की 18,042 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई जा रही है।




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