
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 18 जून, 2024 को देशभर के 317 शहरों में 1200 से अधिक केंद्रों पर कराई गई यूजीसी-नेट (UGC NET) परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के तहत काम करने वाली स्वायत्त एजेंसी एनटीए ने इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह फैसला गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद लिया गया।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यूजीसी-नेट परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। साथ ही इस परीक्षा में गड़बड़ी के मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की भी जानकारी दी गयी है। यह फैसला एक ऐसे वक़्त में आया है जब मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) को रद्द करने की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। नीट का विवाद अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि यूजीसी-नेट परीक्षा में भी गड़बड़ी के संकेत को देखते हुए इसे रद्द करने का एलान किया गया है।
बता दें कि एनटीए ने 18 जून, 2024 को देश के विभिन्न शहरों में यूजीसी-नेट परीक्षा दो चरणों में ओएमआर (पेन और पेपर) मोड में आयोजित की थी। 19 जून को यूजीसी को परीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से कुछ इनपुट मिले। इन जानकारियों से प्रथम दृष्टया संकेत मिला कि परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता किया गया होगा। लिहाजा परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
अब यह परीक्षा नए सिरे से दोबारा आयोजित की जाएगी जिसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी। साथ ही मामले की गहन जांच के लिए इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है। 300 शहरों में 1200 से अधिक केंद्रों पर कराई गई इस परीक्षा में जिसमें 11,21,225 कैंडिडेट्स ने पंजीकरण कराया था। इनमें 9 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। इसमें 83 विषयों के लिए परीक्षा ली गयी थी।
UGC-NET जूनियर रिसर्च फेलोशिप की परीक्षा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए भारतीय नागरिकों की पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है।




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