
नीट और यूजीसी नेट पेपर लीक मामले में जारी घमासान के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। सरकार की ओर से नियुक्त उच्च स्तरीय समिति ने छात्रों और अभिभावकों से एनटीए में सुधार और/या पुनर्गठन के लिए सुझाव मांगे हैं। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति वेबसाइट innovateindia.mygov.in/examination-reforms-nta
माध्यम से लोगों के सुझाव और प्रतिक्रियाएं स्वीकार करेगी। कोई भी 7 जुलाई तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है।
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए इस हाई लेवल समिति का गठन किया था। इस समिति का उद्देश्य एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं के पारदर्शी और कदाचार मुक्त आयोजन के लिए सुझाव देना है। सात सदस्यीय इस समिति के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन ने मीडिया से कहा था कि, “हमारे लिए पहली प्राथमिकता देश भर के छात्रों और अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से मिलना और उनकी चिंताओं और सुझावों को जानना है।”
साथ ही उन्होंने कहा था, “हमारी अगली प्राथमिकता परीक्षा शुरू करने के लिए शीघ्रता से एक मजबूत प्रणाली का निर्माण करना है। ऐसी प्रणाली जो मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित हो। साथ ही जो पर्याप्त लचीलेपन के साथ छात्रों की कठिनाइयों और तनाव को कम करे।” इस समिति को तीन पहलुओं- परीक्षा प्रक्रिया की प्रणाली में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार तथा एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली, पर सिफारिशें करने का काम सौंपा गया है।
गौरतलब है कि यूजीसी नेट व नीट पेपर लीक विवाद के चलते एनटीए अपनी पारदर्शिता और कामकाज के तौर तरीके को लेकर सवालों के घेरे में है। एनटीए को भंग करने की मांग की जा रही है।




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