
तमिलनाडु विधानसभा ने एक बार फिर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा से छूट देने का आग्रह किया है। इसके साथ ही प्लस टू परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की अनुमति देने की मांग की है। राज्य में भाजपा की सहयोगी पीएमके ने भी मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन किया है।
सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा को पहुंच के बाहर करने के अलावा नीट ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा केंद्र को लिखी गई चिट्ठियों का हवाला दिया। इस चिट्ठी में नीट के संचालन में अनियमितताओं के बाद नीट को खत्म करने क मांग की गई थी।
सीएम स्टालिन ने सदन में कहा कि यह परीक्षा भेदभावपूर्ण थी। नीट को खत्म कर देना चाहिए। कई राज्यों में अनियमितताओं के विरोध को ध्यान में रखते हुए केंद्र को नीट को पूरी तरह से खत्म करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम में संशोधन करने की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि डीएमके की एमके स्टालिन सरकार तमिलनाडु में नीट परीक्षा में राज्य के मेडिकल छात्रों को छूट देने के लिए 13 सितंबर 2021 को भी एक विधेयक लेकर आई थी जिसे राज्यपाल ने 3 फरवरी 2022 को वापस कर दिया था।




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