
नीट यूजी (NEET UG 2024) परीक्षा को लेकर जारी विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस परीक्षा में पास हुए 50 से ज़्यादा छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ये सभी छात्र गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें कई पहले स्थान पर रहे हैं। इन छात्रों ने याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को 5 मई को हुए एग्जाम को रद्द करने से रोकने के लिए निर्देश जारी करे।
बता दें कि यह याचिका ऐसे समय डाली गयी है जब 8 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ सुप्रीम कोर्ट में नीट परीक्षा रद्द करने समेत 26 याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है।
याचिका में शीर्ष अदालत से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को यह निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है कि वह उन छात्रों व अन्य लोगों की जांच व पहचान करे, जो इस साल पांच मई हुई नीट-यूजी की परीक्षा के पेपर लीक जैसे अनुचित कार्यों में लिप्त थे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
याचिका में कहा गया है, “माननीय अदालत प्रतिवादियों (केंद्र सरकार और एनटीए) को नीट-यूजी दोबारा न कराने का निर्देश जारी कर सकती है, क्योंकि यह न केवल ईमानदार और मेहनती छात्रों के लिए अनुचित होगा, बल्कि शिक्षा के अधिकार और संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का भी उल्लंघन होगा।”
गौरतलब है कि 4 जून को नीट रिजल्ट आते ही छात्रों ने 67 टॉपरों को लेकर हंगामा कर दिया था। इसके बाद नीट को लेकर देश भर कई कोर्टों में कई याचिकाएं डाली गईं। इसके साथ ही कई याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी डाली गई। याचिकाकर्ताओं ने नीट में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच की मांग की और 5 मई को हुई परीक्षा रद्द करने की मांग की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 8 जुलाई का समय सुनवाई के लिए दिया था।
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट-यूजी) एनटीए द्वारा देशभर में सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इस साल नीट-यूजी को पांच मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित किया गया था जिसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए थे।




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