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IIT मंडी ने शुरू किए संगीत और संगीत चिकित्सा में एमएस और पीएचडी कार्यक्रम

संगीत, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के बीच तालमेल बिठाकर व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों तरह की खुशहाली में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की जा सकती है। इसी क्षमता को पहचानते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT Mandi) ने संगीत और संगीत चिकित्सा में एमएस (शोध द्वारा) और पीएचडी कार्यक्रम शुरू किए हैं। यह कार्यक्रम पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों छात्रों के लिए खुला है और योग्य उम्मीदवार कहीं से भी लाइव, ऑनलाइन या हाइब्रिड प्रारूप में इसका अध्ययन कर सकते हैं।

आईआईटी मंडी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “यह पहल अंतःविषयी शिक्षा को बढ़ावा देने और भारतीय संगीत के सम्मानित क्षेत्र तथा तेजी से विकसित हो रहे संगीत चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।” पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 जुलाई तक स्वीकार किये जाएंगे।

संगीत और संगीत चिकित्सा (म्यूसोपैथी) में एमएस और पीएचडी कार्यक्रम शोध-आधारित हैं, जिनका उद्देश्य उच्च कुशल पेशेवरों और शोधकर्ताओं को तैयार करना है जो संगीत के विकास और समझ में सार्थक योगदान दे सकें और व्यक्तियों और समाज पर इसके लाभकारी प्रभावों को समझ सकें, जिसमें संगीत चिकित्सा (म्यूसोपैथी) का  कल्याण-केंद्रित क्षेत्र भी शामिल है।

आईआईटी मंडी का यह कार्यक्रम संगीत और संगीत चिकित्सा में गहन शिक्षा प्रदान करता है। इन कार्यक्रमों को करने के बाद, आप ऐसे विशेषज्ञ बन सकते हैं जो संगीत के क्षेत्र में अनुसंधान कर सकते हैं और यह बता सकते हैं कि संगीत का लोगों के स्वास्थ्य और समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है।

आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहेरा ने कहा, “आईआईटी मंडी भारतीय ज्ञान प्रणाली से संबंधित विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित है। संगीत और संगीत और संगीत चिकित्सा में एमएस और डॉ. फिलोसफी कार्यक्रम इस प्रयास में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं। यह कार्यक्रम न केवल भारतीय संगीत के विज्ञान की खोज करेगा, बल्कि मन, शरीर, और चेतना के समग्र विकास के लिए इसके चिकित्सीय मूल्य को भी उजागर करेगा।”

यह कार्यक्रम संगीत और म्यूजोपैथी (मानसिक स्वास्थ्य पर संगीत का प्रभाव) की बुनियादी, मध्यम और उन्नत सीखने का मजबूत आधार देता है, साथ ही IKSMHA केंद्र के ज्ञान को भी शामिल करता है। इस कार्यक्रम को पूरा करने वाले लोगों को कई क्षेत्रों में काम करने के अच्छे अवसर मिलेंगे, जैसे कि शास्त्रीय, लोकप्रिय और फिल्मी संगीत उद्योग, संगीत रिकॉर्डिंग और निर्माण में विशेषज्ञता, शोध संस्थान, शिक्षा जगत, और स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती क्षेत्र। इस कोर्स में टेक्नोलॉजी, संगीत और चिकित्सा का समावेश करके, विभिन्न क्षेत्रों में नई चीजें करने और नेतृत्व करने के लिए जरूरी समग्र कौशल विकसित किए जाते हैं।

 

Asmita Sarkar

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