
उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार यानि आरटीई (RTE) के तहत निजी स्कूलों में होने वाले एडमिशन को लेकर शिक्षा विभाग काफी सख्त हो गया है। इस संबंध में प्रदेश के शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों के डीएम को खत लिखा गया है, जिसमें आरटीई के तहत एडमिशन न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
बता दें कि हाल ही में लखनऊ के डीएम सूर्य पाल गंगवार ने आरटीई के तहत एडमिशन न देने वाले स्कूलों को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को एडमिशन नहीं देते हैं, तो 8वें दिन स्कूल सील कर दिया जाएगा। डीएम ने लखनऊ के 62 स्कूलों को फटकार लगाई थी, जिसके बाद अब महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी डीएम को पत्र लिखकर आरटीई के तहत स्कूलों में एडमिशन देने की बात कही है। साथ ही एडमिशन न देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने को भी कहा है।
दरअसल, शिक्षा के अधिकार आरटीई के तहत एडमिशन देने में कई स्कूल आनाकानी कर रहे हैं। प्रदेश भर में लगभग 1.65 लाख में से केवल 72044 बच्चों का एडमिशन हुआ है। ऐसे में कई स्कूल प्रबंधक अनावश्यक दस्तावेज मांगकर अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं। इसके बाद स्कूल विभाग ने सभी डीएम को लेटर लिखकर आरटीई के तहत एडमिशन सुनिश्चित करने को कहा है।
गौरतलब है कि शिक्षा का आधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। इसके तहत गरीब बच्चों के लिए स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित रहती हैं। शिक्षा विभाग ने ग्राम पंचायत के दायरे और एक किमी के अंदर आने वाले स्कूलों में ही एडमिशन का नियम भी बनाया है।




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