
हरियाणा सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत अब कॉलेजों में भी पीटीएम (PTM) व्यवस्था शुरु करने का फैसला किया है। यानी स्कूलों के तर्ज पर अब कॉलेजों में भी विद्यार्थियों की कमजोरी नियमित रूप से अभिभावकों को बताई जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से महीने में दो बार अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम) करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थी कॉलेज से बंक भी नहीं मार सकेंगे क्योंकि इसकी रिपोर्ट एप के माध्यम से रोजाना अभिभावक को दी जाएगी।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए जिले के सभी कॉलेज के प्रधानाचार्य की ऑन लाइन बैठक बुलाई थी। इसमें निर्णय लिया गया कि कॉलेज के नाम पर बंक मारने वाले विद्यार्थियों की रिपोर्ट मोबाइल एप के माध्यम से अभिभावक को दी जाएगी। इसके साथ ही अभिभावकों को बताया जाएगा कि उनका बच्चा कितने दिन कॉलेज में आया। किस क्षेत्र में उसने बेहतर किया और कहां उसे और सुधार की गुंजाइश है। इसके लिए 15 दिनों पर एक बैठक करने की योजना तैयार की गई है। साथ ही कॉलेज की ओर से एक मोबाइल एप तैयार किया जाएगा जिसमें कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के संबंध में तमाम जानकारियां होगी।
दरअसर कॉलेज में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के अभिभावकों को यह ही पता नहीं होता कि उनके बच्चे की पढ़ाई में क्या स्थिति है। कॉलेज के प्रधानाचार्य की प्राथमिकता रहेगी कि वह सभी को साथ लेकर चले, कक्षाएं नियमित रूप से लगे और विद्यार्थी अनुशासित रहे। वहीं, विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्रेरक पाठ्यक्रम को भी पढ़ाया जाएगा। विद्या का केंद्र राजनीति का अखाड़ा ना बने, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।




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