
डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के साथ मिलकर शिक्षकों व शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उनके प्रतिवेदन प्राप्त कर मुख्यालय को भेजने को कहा है ताकि उनका समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा है कि विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे पहले भी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।
बता दें कि परिषदीय विद्यालयों में आठ जुलाई से शिक्षकों के डिजिटल अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों की डिजिटल अटेंडेंस (टैबलेट पर चेहरा दिखाकर उपस्थिति) लगाने की व्यवस्था का व्यापक स्तर पर विरोध हो गया है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का तीखा विरोध किया है। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ काली पट्टी बांधकर काम करने और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। डिजिटाइजेशन को काले कानून की संज्ञा दी गई। इसे लेकर शिक्षक पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत हैं।
इस बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की मांग और दिक्कत को देखते हुए शिक्षकों, कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्धारित समय सुबह 7:45 से 08 बजे तक में राहत दी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है कि डिजिटल उपस्थिति पंजिका पर शिक्षक उपस्थिति अंकित करने के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय यानी 8:30 बजे तक ( कारण सहित उल्लिखित करते हुए ) का समय दिया गया है। हालांकि शिक्षक इससे संतुष्ट नहीं है। सोमवार को भी उन्होंने हर जिले में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा है।




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