
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों में अब पुरातन संस्कृति को अपनाया जाएगा। अब विद्यालय में महिला शिक्षकों को “मैडम” की जगह “दीदी अथवा बहन जी” कहकर बुलाया जाएगा जबकि पुरुष शिक्षकों के लिए “गुरुजी” शब्द का इस्तेमाल होगा। डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इस सम्बन्ध में परिषदीय विद्यालयों को आदेश जारी कर दिया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संभल के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी स्कूलों को नए दिशा निर्देश लागू करने के लिए पत्र भेजा है। इसमें पुरुष शिक्षकों को गुरुजी के नाम से संबोधित करने को कहा गया है। इसके अलावा छात्राओं को छात्र बहनजी कहेंगे। शिक्षकों के स्कूल में जींस पहनने पर पूरी तरह पांबदी लगाई गई है।
सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) ने बताया कि पत्र में कहा गया है कि स्कूलों में मैडम शब्द के स्थान पर बहन जी और दीदी का प्रयोग करना होगा। स्कूल में पुरुष शिक्षकों को गुरुजी कहना होगा। इसका पालन जल्द सुनिश्चित करा रहे हैं। इसके बारे में सभी स्कूलों को पत्र भेजकर सूचना भी दे दी गई है।
एबीएसए ने बताया कि स्कूल में छात्राओं को दीदी और छात्रों को भैया कहकर संबोधित करना होगा। इससे भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ आपसी सम्मान बढ़ेगा। इससे अच्छा माहौल बनेगा। एक स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि बीएसए से तरफ से जारी निर्देश मिल गए हैं।
गुड मॉर्निंग की जगह नमस्ते या जय हिंद कहना होगा। किसी को भी जूते पहनकर कक्षा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। जूते बाहर कतार में छोड़ने होंगे। गुरुजी को जींस और टी-शर्ट पहनकर स्कूल आने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें कमीज और पैंट पहनकर स्कूल आना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




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