
सुप्रीम कोर्ट ने विवादों में घिरी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET-UG 2024) में पेपर लीक और गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की। इनमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा स्थानांतरण की मांग करने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की तीन जजों की बेंच ने इस पर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के कम से कम नंबर, IIT मद्रास की रिपोर्ट, पेपर में गड़बडी कब और कैसे हुई, कितने सॉल्वर्स पकड़े गए, दोबारा जांच की मांग और पेपर में गड़बड़ी की पूरी टाइमलाइन पर चर्चा हुई। इस दौरान कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट पर NEET-UG परीक्षा में छात्रों को मिले अंकों को शनिवार दोपहर तक सेंटर वाइज जारी करे। छात्रों की पहचान गुप्त रखी जाए और परिणाम शहर और केंद्र के हिसाब से अलग-अलग घोषित किए जाने जाएं। कोर्ट ने साथ ही काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की गई है।
बता दें कि नीट एग्जाम 5 मई को आयोजित हुआ था। 67 टॉपर सामने आने के बाद से ही यह परीक्षा विवादों में है। कुछ याचिकाकर्ताओं की मांग है कि नीट परीक्षा को रद्द कर दिया जाए और इसको नए सिरे से आयोजित करवाया जाए। साथ ही परीक्षा में अनियमितताओं की जांच की जाए। नीट परीक्षा दोबारा आयोजित होगी या नहीं, ये फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। बता दें कि नीट पेपर लीक के मामले में भी अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई के हाथ में है।




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