
दिल्ली स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (SAU) की एक छात्रा को ‘अफवाह फैलाने’ और संस्थान के खिलाफ ‘छात्रों को भड़काने’ के आरोप में अपना हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। सोशियोलॉजी द्वितीय वर्ष की एमए छात्रा यशदा सावंत को इस सम्बन्ध में सोमवार को नोटिस मिला और उसे आज बुधवार तक अपने कमरे की चाबियाँ सौंपने को कहा गया है।
छात्रा ने बताया, “मैंने कुछ दोस्तों से एक प्रोफेसर के बारे में बात की थी, जिनके बारे में कहा गया था कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। हमें चिंता थी कि अगर ऐसा हुआ तो वे जो कोर्स पढ़ा रहे हैं, उसे रद्द किया जा सकता है। बाद में प्रशासन ने मुझे बुलाया और कहा कि मुझे इसके बारे में नहीं बोलना चाहिए था।”
छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे ‘अलग-थलग’ किया गया और उसके खिलाफ कार्रवाई ‘उचित जांच के बिना’ की गई। छात्रा को हॉस्टल वार्डन द्वारा हस्ताक्षरित प्राप्त नोटिस में कहा गया है, “यह हमारे संज्ञान में आया है कि आप अफवाहें और झूठ फैला रही हैं और छात्रों को विश्वविद्यालय के खिलाफ भड़का रही हैं। इस संदर्भ में, आपको तत्काल प्रभाव से छात्रावास में रहने से वंचित किया जाता है।” छात्रा ने कहा कि अब उसे वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी होगी।
छात्र समूह रोकेया कलेक्टिव ने एक बयान में कहा, “यह जानकर दुख होता है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में छात्रों के खिलाफ इसी तरह की मनमानी कार्रवाइयों का परेशान करने वाला इतिहास रहा है।”
बयान में आगे कहा गया, “हमारे अकादमिक समुदाय के सभी सदस्यों की तरह प्रभावित छात्रा को भी उचित प्रक्रिया और किसी भी आरोप के खिलाफ खुद का बचाव करने का अधिकार मिलना चाहिए।”




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