
कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के छात्र 25 जुलाई से विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि नए शैक्षणिक वर्ष में नए विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुल्क में वृद्धि के किसी भी निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।
कोलकाता शहर के कॉलेज स्ट्रीट स्थित विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में लगभग 20 कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया तथा अधिकारियों से अपनी मांगों पर चर्चा करने के लिए तत्काल उनसे मिलने का अनुरोध किया।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की प्रेसीडेंसी इकाई के सदस्य बितान इस्लाम ने कहा, “हम पिछले एक सप्ताह से हाल ही में गठित फीस समीक्षा समिति के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय के अधिकारी- कार्यवाहक कुलपति, रजिस्ट्रार और डीन- हमसे सीधे बात करें।”
प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि लगभग 10 वर्षों के बाद फीस वृद्धि का प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक हो गया है, क्योंकि संस्थान को धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पुस्तकालय के लिए नई पुस्तकों की खरीद, प्रयोगशालाओं के लिए उपकरणों की खरीद और मौजूदा प्रयोगशाला सुविधाओं के उचित रखरखाव पर असर पड़ा है। अधिकारी का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल नए छात्रों के लिए ही प्रभावी होगी।
गौरतलब है कि एसएफआई इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। बितान ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों ने छात्रों पर बोझ डाले बिना राज्य संचालित विश्वविद्यालय के लिए धन जुटाने के विकल्प सुझाए हैं।




Add comment