
पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में कल राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के प्रयासों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़पें हुईं। कोलकाता और हावड़ा की सड़कों पर बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। राज्यभर में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। नबन्ना अभियान के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करने के विरोध में भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार के खिलाफ आज 12 घंटे के ‘बंगाल बंद’ का आह्वान किया है।
बंद के दौरान कई जगह से हिंसा और आगजनी की खबरें आयी हैं। जानकारी के मुताबिक, मुर्शिदाबाद में एक शख्स की पिटाई की गई। आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने उस पर हमला किया। इसके अलावा उत्तरी दिनाजपुर में आगजनी की खबर है। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, हुगली में लोगों ने रेलवे पटरियों पर डेरा डाल दिया। इस वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुई।
भाजपा द्वारा 12 घंटे का ‘बंगाल बंद’ बुलाने पर हावड़ा में सरकारी बस के ड्राइवर हेलमेट पहने दिखे। एक बस ड्राइवर ने कहा, “आज बंद है, इसलिए डिपार्टमेंट ने हमें हेलमेट दिया है…”
इस दौरान पुलिस ने अलीपुरद्वार में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। भाटापारा में भाजपा नेता की कार पर फायरिंग की गई है। बताया जा रहा है कि वे यहां बाजार बंद कराने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी कार पर गोली चलाई गई। इसका आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाए गए हैं।
भाजपा विधायक अशोक कीर्तनिया ने कहा कि बंद चल रहा है…पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी, इसलिए टीएमसी के कार्यकर्ता यहां हैं, ममता ने उन्हें भेजा है। हम यहां से नहीं हटेंगे, हम लड़ाई जारी रखेंगे।
वहीं, टीएमसी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी आज भाजपा के 12 घंटे के ‘बंगाल बंद’ के आह्वान के खिलाफ प्रदर्शन किया। बनगांव-सियालदह के बीच ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। टीएमसी नेता नारायण घोष ने कहा कि वे गरीब लोगों को परेशान करना चाहते हैं। वे पश्चिम बंगाल में डकैती करने आए हैं। आम और गरीब लोग ममता बनर्जी के साथ हैं। ऐसी हरकतें करके पश्चिम बंगाल को रोका नहीं जा सकता।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आज बंगाल बंद की घोषणा की है, जिसमें आंदोलनकारियों के खिलाफ किए गए अत्याचारों का विरोध किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में न्याय की लहर चल रही है। मुझे लगता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और कोलकाता कमिश्नर को इस्तीफा दे देना चाहिए।
सीआर केसवन ने कहा, ‘निर्दयी ममता सरकार द्वारा की गई क्रूर कार्रवाई न केवल गलत और प्रतिशोधी है, बल्कि अमानवीय भी है। निर्दयी टीएमसी सरकार ने कल न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हमारे युवाओं और छात्रों को बेरहमी से कुचलने और उनका गला घोंटने का प्रयास किया। हमारे छात्रों द्वारा किए गए शांतिपूर्ण विरोध और मार्च के खिलाफ पुलिस की बर्बरता के जो दृश्य सामने आए, वे भयावह थे।




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