
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर की घटना के 20 दिन बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। समाज में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कड़े शब्दों में निंदा की। राष्ट्रपति ने कहा कि ‘वह घटना से निराश और भयभीत हैं।’ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राष्ट्रपति ने महिला अपराधों पर रोक का आह्वान किया और कहा कि ‘अब बहुत हो गया, अब समय आ गया है कि भारत महिलाओं के खिलाफ अपराधों की ‘विकृति’ के प्रति जाग जाए और उस मानसिकता का मुकाबला करे जो महिलाओं को ‘कम शक्तिशाली, कम सक्षम, कम बुद्धिमान’ के रूप में देखती है।’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं को भूलने की खराब आदत को बदलना होगा। कोई भी सभ्य समाज अपनी बेटियों और बहनों पर इस तरह की अत्याचारों की इजाजत नहीं दे सकता।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब स्टूडेंट्स, डॉक्टर्स और नागरिक कोलकाता में प्रोटेस्ट कर रहे थे, तब अपराधी दूसरी जगहों पर शिकार खोज रहे थे। पीड़ित में किंडरगार्टन की बच्चियां तक शामिल थीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को खुद से कुछ कठिन सवाल पूछना होगा। अक्सर घृणित मानसिकता वाले लोग महिलाओं को अपने से कम समझते हैं। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि निर्भया कांड के बाद 12 सालों में रेप की अनगिनत घटनाओं को समाज ने भुला दिया है। समाज की भूलने की यह सामूहिक आदत घृणित है। इतिहास का सामना करने से डरने वाला समाज ही चीजों को भूलने का सहारा लेता है।




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