
स्टार्टअप को लेकर केंद्र सरकार काफी सजग है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वस्त्र मंत्रालय ने टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में चार स्टार्टअप को मंजूरी दी है। साथ ही सरकार देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में टेक्निकल टेक्सटाइल से जुड़े डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने जा रही है। इन शिक्षण संस्थानों में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) भी शामिल है। पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए करीब 20 करोड़ रुपए के अनुदान को मंजूरी दे दी गई है। टेक्सटाइल में यह नए डिग्री प्रोग्राम केंद्र सरकार की पहल पर शुरू किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि यह सभी टेक्सटाइल से संबंधित पाठ्यक्रम सीधे उद्योगों से जुड़े हैं। टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में बी.टेक पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। एनआईटी जिन विषयों में बीटेक के नए पाठ्यक्रम शुरु करेगा, उनमें जियो टेक्सटाइल्स, जियो सिंथेटिक्स, कंपोजिट्स, सिविल स्ट्रक्चर्स समेत तकनीकी वस्त्रों के कई क्षेत्रों और अनुप्रयोग शामिल हैं। एनआईटी के अलावा पांच अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी ऐसे बीटेक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। यह पहल केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय से शुरु कर रहा है।
वस्त्र मंत्रालय के सचिव ने नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत आठवीं अधिकार प्राप्त कार्यक्रम समिति (ईपीसी) की बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रालय ने चार स्टार्ट-अप को मंजूरी दी है। अधिकार प्राप्त समिति ने तकनीकी वस्त्र के क्षेत्र में उभरते खोजकर्ताओं के लिए अनुसंधान एवं उद्यमिता के लिए अनुदान योजना के तहत हर स्टार्ट-अप को करीब 50 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है।
केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के मुताबिक समिति ने तकनीकी वस्त्रों से संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों को सक्षम बनाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा निर्देशों के तहत पांच शिक्षा संस्थानों को तकनीकी वस्त्रों से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए करीब 20 करोड़ रुपए का अनुदान देने के लिए मंजूरी दे दी है।
अनुमोदित स्टार्ट-अप परियोजनाएं कंपोजिट्स, सस्टेनेबल टेक्सटाइल्स और स्मार्ट टेक्सटाइल्स के प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों पर केन्द्रित हैं। अनुमोदित शिक्षा संस्थानों ने जियो टेक्सटाइल्स, जियो सिंथेटिक्स, कंपोजिट्स, सिविल स्ट्रक्चर्स आदि सहित तकनीकी वस्त्रों के अलग-अलग क्षेत्रों और अनुप्रयोगों में नए बी.टेक पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।




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