
ऑनलाइन फॉर्मेट वाले कोर्सेज को शुरू करने में उच्च संस्थानों की मनमानी को रोकने के लिए यूजीसी ने महत्वपूर्ण फैसला किया है। कुछ उच्च शिक्षा संस्थान गैर मान्यता प्राप्त ऑनलाइन कोर्सेज में एडमिशन दे रहे थे। अब ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन कोर्सेज में एडमिशन के लिए सबसे पहले DEB- ID बनाकर UGC DEB वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा।
यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार ने कहा कि कुछ संस्थान गैर मान्यता प्राप्त ऑनलाइन कोर्सेज में स्टूडेंट्स को दाखिला दे रहे थे, जो छात्रों के भविष्य के लिए एक बड़ा जोखिम है। जिस तरह से रेगुलर कोर्सेज में एक स्टैंडर्ड प्रसीजर अपनाया जाता है, उसी तरह से अब ऑनलाइन कोर्सेज के एडमिशन प्रोसेस के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि जो छात्र भी ऑनलाइन कोर्सेज में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले UGC-DEB (डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र की DEB- ID तैयार हो जाएगी। अकैडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC- ID) से यूनीक डीईबी आईडी बनाई जा सकेगी।
शैक्षणिक सत्र 2024-25 से ही यह प्रक्रिया लागू होगी और अक्टूबर से शुरू होने वाले नये सेशन में दाखिला पाने वाले हर छात्र को यह यूनीक आईडी बनानी होगी। प्रो. कुमार ने कहा कि इससे यूजीसी के पास हर संस्थान में ऑनलाइन कोर्स पढ़ रहे छात्र की जानकारी होगी। यूजीसी ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम व ऑनलाइन कोर्सेज के लिए रेगुलेशंस बनाएं हैं, जिनको मानना हर संस्थान के लिए जरूरी है। इसके बाद भी कुछ यूनिवर्सिटी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
ऐसे में ऑनलाइन कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी ने यह फैसला किया है। इस सत्र में यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में छात्रों को ऑनलाइन कोर्सेज के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। सबसे बड़े ओपन ऑनलाइन कोर्सेज प्लेटफॉर्म समेत आईआईटी, आईआईएम जैसे टॉप शिक्षा संस्थानों में भी ऑनलाइन कोर्स का विकल्प मिलेगा। यूजीसी की ओर से पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि चाहे ऑफलाइन कोर्स हो या ऑनलाइन कोर्स, दोनों तरह के कोर्सेज में छात्रों को बराबर क्रेडिट मिलेंगे।




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