
IIT-भुवनेश्वर में 80 फीसदी फैकल्टी मेंबर जनरल कैटगेरी से हैं। यह खुलासा हुआ है एक आरटीआई रिपोर्ट से। ऑल इंडिया ओबीसी स्टूडेंट्स असोसिएशन के अध्यक्ष किरण कुमार गौण ने एक आरटीआई लगाई थी, जिसमें ये खुलासा हुआ।
आरटीआई का जवाब देते हुए IIT-भुवनेश्वर के अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज में कुल 300 प्रोफेसर, असोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद हैं। इनमें से 213 पदों पर लोग कार्यरत हैं जबकि 95 पोस्ट अभी भी खाली हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन 213 पदों पर कार्यरत प्रोफेसर, असोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों में 171 कर्मचारी जनरल कैटेगरी से हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इन 213 प्रोफेसर, असोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों में 28 ओबीसी कैटेगरी से हैं। इसके अलावा एक फैकल्टी मेंबर एसटी कैटेगरी से है और 12 फैकल्टी मेंबर एससी कैटेगरी से हैं। वहीं एक फैकल्टी मेंबर EWS कोटा से है।
गौरतलब है कि शिक्षा के क्षेत्र में एससी, एसटी और ओबीसी के प्रतिनिधित्व को लेकर दशकों से बहस चली आ रही है। बीते कुछ महीनों में ये बहस और तेज हुई है। ऐसे में IIT-भुवनेश्वर से आयी यह ताज़ा जानकारी इस बहस को और तेज़ कर सकती है।
बता दें कि साल 2022 में लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया था कि देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में SC और ST कैटेगरी से सिर्फ एक-एक उपकुलपति हैं। वहीं, 45 रजिस्ट्रारों में से सिर्फ दो SC कैटेगरी से, पांच एसटी कैटेगरी से और तीन ओबीसी कैटेगरी से हैं जबकि कुल 1005 प्रोफेसरों में से 864 जनरल कैटेगरी से हैं। वहीं, 69 अनुसूचित जाति से, 15 अनुसूचित जनजाति से और 41 ओबीसी समुदाय से हैं।




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