
बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी (BPSC) ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 3.0 (TRE 3) में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर की अंतिम सूची जारी कर दी है। लेकिन इसके बाद इसके चार सवालों के जवाब ने विवाद पैदा कर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि तीन सवाल के जवाब बीपीएससी की ओर से गलत दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने जो आंसर दिए हैं उसमें एनसीईआरटी और एससीईआरटी के तथ्यों को दरकिनार कर दिया है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की तरफ से तय की गई तारीख के अंदर ही उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन इस पर बीपीएससी ने कोई विचार नहीं किया। आंसर-की जारी होने के बाद सही जवाब देने वाले अभ्यर्थियों के परिणाम पर असर पड़ सकता है। वहीं छात्र नेताओं का कहना है कि आयोग की तरफ से जानबूझकर गलती की गई है ताकि धांधली कर सेंटिंग की जा सके।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सवाल यह था कि बिहार की सबसे पुरानी नदी घाटी कौन सी है? बीपीएससी ने उत्तर दिया- दामोदर नदी घाटी परियोजना। जबकि एनसीईआरटी-एससीईआरटी की किताबों में इसे सोन नदी घाटी परियोजना बताया गया है। वहीं दूसरा सवाल था वायुमंडल अधिकतम गर्मी कहां से प्राप्त करता है? आयोग ने उत्तर दिया- दीर्घ पार्थिव तरंगों से। अभ्यर्थियों का कहना है कि एनसीईआरटी के मुताबिक सही जवाब-सूर्य होना चाहिए। तीसरा सवाल था अम्लीय वर्षा के लिए सीओ2 जिम्मेदार है या एनओ2 ? आयोग ने उत्तर दिया- दोनों। अभ्यर्थियों का कहना है कि अम्लीय वर्षा के लिए सीओ2 कहीं से भी उत्तरदायी नहीं है, बल्कि इसका सही उत्तर एनओ2 होना चाहिए।
बहरहाल, बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण में पूछे गए चार सवालों के जवाब को लेकर विवाद के बाद आशंका जताई जा रही है कि इस भर्ती में एक बड़ा पेंच फंस सकता है। कहा जा रहा है कि बिहार शिक्षक भर्ती में भी NEET जैसे हालात हो सकते हैं। बता दें कि नीट यूजी परीक्षा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। दरअसल नीट में एक सवाल के सही और गलत जवाब के चक्कर में कई अभ्यर्थियों के नंबर कम या ज्यादा हुए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल को विशेषज्ञों की मदद लेकर सुलझाया था जिसके बाद नीट का नया रिजल्ट जारी किया गया था। सवालों के जवाब को लेकर की ऐसी ही स्थिति अब बिहार शिक्षक भर्ती मामले भी बन रही है।




Add comment