कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में कार्रवाई और सुनवाई का दौर जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस मामले में अब एक अक्तूबर को सुनवाई करेगा। बता दें, कि इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ मामले पर सुनवाई कर रही है।
आज सोमवार यानि 23 सितंबर को आरजी कर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ से एक पक्ष की ओर से पेश वकील ने अनुरोध किया कि कुछ कारणों की वजह से इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते की जाए। इस पर सीजेआई ने कहा, ‘हम अगले मंगलवार यानी एक अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई करेंगे।’
इससे पहले अदालत ने 17 सितंबर को कहा था कि सीबीआई जो जांच कर रही है, उसका आज खुलासा करने से प्रक्रिया प्रभावित होगी, सीबीआई ने जो रास्ता अपनाया है, वह सच्चाई को उजागर करना है। एसएचओ को खुद गिरफ्तार किया गया है। हमने स्थिति रिपोर्ट देखी है और सीबीआई ने हमारे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर जवाब दिया है, जिसमें शामिल है कि क्या चालान दिया गया था, पीएमआर की प्रक्रिया क्या थी, क्या सबूत नष्ट किए गए थे, क्या किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत थी आदि।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आरजी कर अस्पताल में घटना घटी थी जिसमें अस्पताल के सेमिनार कक्ष में नौ अगस्त को प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिलने के बाद से घटना के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया था जो टीएमसी सरकार और पश्चिम बंगाल पुलिस से जुड़ा था। इस मामले में बरती गई लापरवाही के चलते सुप्रीम कोर्ट से लगातार फटकार लग रही है। तनाव बढ़ता देख कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इससे पहले कोलकाता पुलिस मामले की जांच कर रही थी।




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