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सीबीएसई ने स्कूलों को दिया निर्देश, आगामी बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी कमरों में सीसीटीवी लगाना सुनिश्चित करें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश जारी किया है, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परीक्षा हॉल में सीसीटीवी यानी  क्लोज-सर्किट टेलीविजन (CCTV) कैमरे अनिवार्य रूप से लगे हों। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को केवल उन्हीं कमरों में आयोजित किया जाएगा, जहां सीसीटीवी की सुविधा उपलब्ध होगी। सीबीएसई के नोटिफिकेशन के अनुसार, अगर किसी स्कूल में यह व्यवस्था नहीं है, तो वह परीक्षा केंद्र के रूप में मान्य नहीं होगा। यह नीति वर्ष 2025 की परीक्षाओं से लागू होगी। 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बताया है कि परीक्षा निकाय भारत और विदेशों में लगभग 8,000 स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के लगभग 44 लाख छात्रों के लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 आयोजित करेगा। बोर्ड परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएं, यह सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने सीसीटीवी नीति विकसित की है। 

बोर्ड ने कहा है कि अगर किसी स्कूल में सीसीटीवी की सुविधा नहीं है, तो उसे सीबीएसई 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025 के लिए परीक्षा केंद्र नहीं माना जाएगा। साथ ही, जो स्कूल परीक्षा केंद्र बनना चाहते हैं, उन्हें अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।

नोटिस में कहा गया है, “सभी स्कूलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि नीति के अनुसार उनके स्कूलों में सीसीटीवी लगे हों, अगर उनके पास सीसीटीवी नहीं है और वे अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र के रूप में तय करने के लिए बोर्ड को अपनी सहमति देना चाहते हैं।”

सीबीएसई बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं के दौरान स्कूलों में सीसीटीवी नीति के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सीबीएसई सीसीटीवी नीति का मुख्य उद्देश्य कक्षा 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अनुचित व्यवहारों का पता लगाना और उनका समाधान करना है।

नीति के तहत परीक्षा हॉल की रिकॉर्डिंग को कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखा जाना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगर बोर्ड को किसी रिकॉर्डिंग की समीक्षा करने की आवश्यकता हो, तो वह आसानी से उपलब्ध हो सके। केवल अधिकृत कर्मी ही इन रिकॉर्डिंग्स को एक्सेस कर सकेंगे। बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि कैमरों में पैन, टिल्ट और ज़ूम जैसी सुविधाएं होनी चाहिए ताकि विशिष्ट क्षेत्रों और छात्रों की सटीक निगरानी की जा सके। हालांकि, इन कैमरों की स्थापना और रखरखाव का खर्च स्कूलों को खुद उठाना होगा, बोर्ड द्वारा इसकी कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी। 

इसके अलावा सीबीएसई ने स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि माता-पिता और छात्रों को इस निर्णय के उद्देश्य और उनकी अधिकारों की पूरी जानकारी दी जाए। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे ओरिएंटेशन सेशन, हैंडबुक और नोटिस बोर्ड के माध्यम से यह जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, परीक्षाओं के दौरान सुधार के लिए छात्रों, कर्मचारियों और परीक्षा अधिकारियों से फीडबैक लेने की सिफारिश की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 10 कमरों या अधिकतम 240 छात्रों की निगरानी के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो परीक्षा के निष्पक्ष संचालन की देखरेख करेगा। 

 

Asmita Sarkar

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