
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छात्रशक्ति से आह्वान किया है कि वे अपने आचरण और कार्य से देश और समाज का गौरव बढ़ाएं। राष्ट्रपति मुर्मू राजस्थान के उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने पर शिक्षा के सशक्तिकरण और बेटियों की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि समारोह में मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। राष्ट्रपति ने छात्रों से अपील की कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे उनके चरित्र पर दाग लगे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, आज हमारी बेटियां सभी क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं और वे समाज तथा राष्ट्र के लिए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने राणा सांगा, महाराणा प्रताप और मीरा के क्षेत्र को शक्ति और भक्ति का संगम बताकर छात्राओं को बधाई दी। राष्ट्रपति ने छात्रों को हमेशा छात्र की भावना बनाए रखने की सलाह देकर कहा कि निरंतर कड़ी मेहनत और समर्पण उन्हें जीवनभर मदद करेगा। उन्होंने महत्वाकांक्षाओं और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाने की भी बात की।
उन्होंने कहा कि उच्चतम नैतिक मूल्य उनके व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा होने चाहिए। उन्हें जीवन के हर पहलू में ईमानदारी होनी चाहिए, और उनका प्रत्येक कार्य न्यायसंगत एवं नैतिक होना चाहिए। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के गांवों को गोद लेने और छात्रों को ग्रामीण विकास में शामिल करने की सराहना की।
समारोह के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने 102 गोल्ड मेडल में से 69 मेडल छात्राओं को प्रदान किए और कहा कि यह देश और समाज के लिए गर्व का विषय है। आज बेटियां सभी क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। वे समाज और राष्ट्र के लिए आगे बढ़ रही हैं। इस मौके पर कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया, और कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने की। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित रहे।




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