
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी (UGC) ने हर वर्ष देश की 10 बेस्ट पीएचडी थीसिस को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। अब अच्छा शोध कार्य करने वाले पीएचडी शोधार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।इसके लिए “पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति पत्र” की स्थापना की गई है। इन थीसिस का चुनाव एक दो-स्तरीय कठोर चयन समिति द्वारा किया जाएगा।
यूजीसी ने फैसला किया है कि हर साल देश के तमाम विश्वविद्यालयों की टॉप 10 पीएचडी थीसिस को चुना जाएगा और उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। यह पहल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 को ध्यान में रखकर की गई है जिसमें रिसर्च और नए ज्ञान के सृजन पर जोर दिया गया है। यूजीसी ने पीएचडी एक्सीलेंस सम्मान को लेकर गाइडलाइंस का प्रारूप तैयार किया है। यूजीसी इसके बारे में छात्रों, शिक्षकों व आम लोगों से फीडबैक भी लेगा। जल्द ही गाइडलाइंस को सार्वजनिक किया जाएगा।
यूजीसी चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने कहा, ‘यह पहल विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट डॉक्टरल शोध कार्यों को पहचान दिलाने को लेकर है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो नए ज्ञान के सृजन और खोज को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मानती है।’
भारतीय विश्वविद्यालयों में अपनी थीसिस का बचाव करने वाले शोध विद्वान – जिनमें राज्य, केंद्रीय, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं – आवेदन करने के पात्र हैं। हालांकि, केवल राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मान्यता प्राप्त और UGC अधिनियम की धारा 2(f) के तहत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय ही भाग ले सकते हैं। विश्वविद्यालयों को हर साल पांच विषयों में से एक से पांच थीसिस नामांकित करने की अनुमति है।
जिन 5 स्ट्रीम से बेस्ट 10 थीसिस चुनी जाएंगी, उनमें साइंसेज (एग्रीकल्चर साइसेंज, मेडिकल साइंसेज समेत इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी, सोशल साइंसेज (एजुकेशन एंड ह्यूमैनिटीज भी), इंडियन लैंग्वेज और कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्ट्रीम शामिल हैं। हर वर्ष इन पांचों संकाय से 2-2 पीएचडी थीसिस चुनी जाएंगी। यूनिवर्सिटी पांच स्ट्रीम से हर वर्ष 1-1 पीएचडी थीसिस यानी कुल पांच पीएचडी थीसिस की सिफारिश कर सकती हैं। हर साल बीते वर्ष में यूनिवर्सिटी द्वारा 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच दीक्षांत समारोह में जो पीएचडी डिग्री वितरित की गई होंगी, उनमें से वह चयन कर सकती है।अंतिम चयन यूजीसी स्तर पर एक चयन समिति द्वारा किया जाएगा।
देश भर के विश्वविद्यालयों से टॉप 10 थीसिस का चुनाव बेहद चुनौतिपूर्ण होगा। ऐसे में चयन प्रक्रिया दो चरणों में बांटी गई है। पहले चरण में विश्वविद्यालय स्तर पर बनी स्क्रीनिंग समिति शोधार्थियों के कार्यों की समीक्षा करेगी। कैंडिडेट्स को शार्टलिस्ट कर वह अपनी सिफारिश यूजीसी को भेजेगी। इसके बाद यूजीसी की चयन समिति विश्वविद्यालयों की लिस्ट देखेगी और विश्लेषण कर अंतिम चयन करेगी। यूजीसी हर साल 5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन 10 शोधार्थियों को पीएचडी एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित करेगी।
गौरतलब है कि यूजीसी के एक अध्ययन के मुताबिक पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या में हाल के वर्षों में बंपर इजाफा हुआ है। 2010-11 में 77,798 पीएचडी दाखिले हुए थे जबकि 2017-18 में यह 1,61,412 हो गए। जगदीश कुमार ने कहा कि पीएचडी में दाखिला लेने वालों में हर साल 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई।




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