
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सरकारी स्कूलों में 200 अतिरिक्त स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी से सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं-12वीं में नामांकित 9500 से अधिक दिव्यांग बच्चों को लाभ मिलेगा।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल टीचर रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन काफी समय से यह टीचर एडहॉक बेसिस पर कार्य कर रहे थे। अब इन पदों को नियमित रूप से सृजित किया गया, जिससे कि अब इन पदों पर स्थाई तौर पर विशेष शिक्षक नियुक्त हो सकेंगे। डीएसएसएसबी जल्द ही भर्ती परीक्षा के माध्यम से इन शिक्षकों की भर्ती करेगा।
राज निवास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर निर्धारित ये पद दिल्ली के शिक्षा निदेशालय के तहत सरकारी स्कूलों में नियमित आधार पर भरे जाएंगे और वेतन मैट्रिक्स स्तर 8 (47,600 रुपये – 1,51,100 रुपये) के मुताबिक होंगे।
उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य गैर-स्थायी पदों से जुड़े पक्षपात, भ्रष्टाचार, आरक्षण मानदंडों के उल्लंघन और कर्मचारी उत्पीड़न जैसे मुद्दों को कम करना है। सक्सेना ने समय पर डीएसएसएसबी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों को स्थायी रूप से भरने के महत्व पर भी जोर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 200 पीजीटी शिक्षकों के पदों के सृजन से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कुछ कमी दूर होगी। इसके अलावा विशेष शिक्षकों की नियुक्ति से दिव्यांग छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई ठीक से करने का अवसर मिलेगा। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2023 में 120, 2022 में 931 और 2021 में 42 शिक्षकों की स्थाई भर्ती दिल्ली सरकार के द्वारा की गई थी। फरवरी 2024 तक दिल्ली के सरकारी स्कूल में कुल 15021 शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा 2032 शिक्षकों के पद खाली हैं।




Add comment