
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी आवासीय स्कूलों के नाम बदले जाएंगे और अब इन स्कूलों को महर्षि वाल्मीकि विद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
उन्होंने कहा, “कर्नाटक के सभी सरकारी आवासीय विद्यालयों का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि आवासीय विद्यालय कर दिया जाएगा। रायचूर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 17 अक्टूबर को महर्षि वाल्मिकी की जयंती पर ये ऐलान किया। यह व्यवस्था आज से ही लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, महर्षि वाल्मिकी के आदर्शों को अपनाकर ही देश न केवल ताकतवर राष्ट्र बनेगा, बल्कि इतिहास, विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर एक बार फिर से विश्वगुरु का दर्जा हासिल कर पाएगा।
सिद्धारमैया ने कहा यह सही समय है कि हम महर्षि वाल्मिकी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारे। इतना ही नहीं, उनके संदेशों को जन जन तक पहुंचा कर उसे सार्थक करने की कोशिश करें। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने अल्पसंख्यक समुदायों की मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि BJP सिर्फ समानता की बात करती है, लेकिन उसे लागू नहीं करती।
बता दें कि कर्नाटक के सभी 31 जिले में आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। इनमें कमजोर आयवर्ग के अलावा दलितों के बच्चों को मेरिट के आधार पर चयनित कर रखा जाता है। इन स्कूलों में रहने खाने के लिए छात्रों से कोई शुल्क वसूल नहीं किया जाता। अभी तक इन सभी स्कूलों को सरकारी आवासीय विद्यालय के नाम से जाना जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद यह सभी स्कूल महर्षि वाल्मिकी अवासीय विद्यालय के नाम से जाने जाएंगे।




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